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अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम के तहत युवा प्रतिनिधिमंडल असम विश्वविद्यालय पहुँचा
शिलचर, 01 अप्रैल। ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन’ कार्यक्रम के अंतर्गत 44 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल ने Assam University, शिलचर में आगमन किया। राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह पहल North Eastern Council और असम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित की जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान और मध्य प्रदेश के 40 छात्र-छात्राएँ तथा चार समन्वयक शामिल हैं। आगामी दस दिनों तक प्रतिभागी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर पूर्वोत्तर भारत की जीवनशैली, संस्कृति और विविधता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत विश्वविद्यालय के कुलपति Rajive Mohan Pant ने अतिथि गृह सभागार में आयोजित कार्यक्रम में किया। इस अवसर पर भू-विज्ञानी Trilochan Singh मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही Archaeological Survey of India के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक Alok Tripathi और रामैया बालकृष्णन भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।
अपने संबोधन में कुलपति पंत ने कहा कि “अतिथि देवो भव” की भावना पूर्वोत्तर क्षेत्र की पहचान है और यह कार्यक्रम उसी परंपरा को सशक्त करता है। उन्होंने बताया कि ‘अष्टलक्ष्मी’ की अवधारणा 1975 में सिक्किम के भारत में विलय के बाद अधिक प्रचलित हुई और यह देश के आठ पूर्वोत्तर राज्यों को समृद्धि के स्तंभ के रूप में दर्शाती है।
त्रिलोचन सिंह ने 1970 के दशक में पूर्वोत्तर भारत की अपनी यात्राओं के अनुभव साझा किए, जिसमें अरुणाचल प्रदेश में बिताया गया समय और भारत से दक्षिण अफ्रीका तक 16 देशों की उनकी सड़क यात्रा शामिल रही। वहीं, आलोक त्रिपाठी ने क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए महाभारत और प्राग्ज्योतिषपुर के वीर राजा भगदत्त का उल्लेख किया। रामैया बालकृष्णन ने असम के प्राकृतिक संसाधनों और यहां की सशक्त सांस्कृतिक पहचान पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एम. गंगाभूषण ने बताया कि प्रतिभागियों को इस दौरान ग्रामीण जीवन की वास्तविकताओं को समझने के लिए बिजली और आधुनिक सुविधाओं के बिना जीवन का अनुभव भी कराया जा सकता है।
इस कार्यक्रम का समन्वयन मध्य प्रदेश से नीरज सिंह गुर्जर और शालिनी कौशिक, तथा राजस्थान से रिजुश्ना गोगोई और स्नातकोत्तर छात्र विकास बाली द्वारा किया जा रहा है।





















