असम सरकार द्वारा 6 समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने के प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार को सिलचर में एक विशाल एकजुट जन-रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का आयोजन “जॉइंट ट्राइबल फोरम ऑफ बराक वैली” के बैनर तले किया गया।
रैली की शुरुआत सिलचर स्थित डिमासा भवन से हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई अंततः नरसिंटोला मैदान में जाकर संपन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई। नरंगसटाला मैदान में जनसभा के दौरान उपस्थित लोगों ने सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
उल्लेखनीय है कि कोच राजबंशी, ताई-अहोम, मोरान, मटोक और चुटिया सहित असम के 6 समुदाय लंबे समय से अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाए जाने के बाद, असम की मौजूदा अनुसूचित जनजाति संगठनों में गहरा असंतोष फैल गया है।
इसी प्रस्ताव के विरोध में आयोजित इस जन-रैली में वक्ताओं ने सरकार के निर्णय को जनजातीय हितों के खिलाफ बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए माहौल भी तनावपूर्ण हो गया, हालांकि प्रशासन की सतर्कता से स्थिति नियंत्रण में रही।
आयोजकों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।





















