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आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर धोलाई विधानसभा क्षेत्र में भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित

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आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर धोलाई विधानसभा क्षेत्र में भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित

धोलाई, 02 फरवरी:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर के प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयोजित किए जा रहे हिंदू सम्मेलनों की कड़ी में धोलाई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ग्राम पंचायत के विद्यारत्नपुर में रविवार को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

रविवार प्रातः स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं लालपाड़ साड़ी धारण कर कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं। माइक के माध्यम से देशभक्ति गीतों के साथ लगभग पाँच सौ से अधिक माताओं-बहनों ने कदम से कदम मिलाकर कलशयात्रा में भाग लिया। शोभायात्रा के अग्रभाग में भगवान राम, माता सीता एवं लक्ष्मण की सजीव झांकी आकर्षण का केंद्र रही।

कलशयात्रा के पश्चात गो-माता पूजन किया गया तथा विश्व शांति हेतु यज्ञ का आयोजन हुआ। पुरोहितों ने देश और समाज के कल्याण की कामना के साथ पूर्णाहुति दी। यज्ञ उपरांत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं द्वारा धामाइल नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा झुमुर सहित अन्य लोकनृत्य कुशल कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समापन के बाद धर्मसभा आयोजित हुई। धर्मसभा को दक्षिण काछार जिले के संघ चालक अशोक बर्मन, केशव स्मारक संस्कृति सुरभि के अध्यक्ष शुभ्रांशुशेखर भट्टाचार्य टाबू, दक्षिण काछार जिला प्रचार प्रमुख एवं जिला हिंदू सम्मेलन अध्यक्ष पिनाक दास तथा सेवानिवृत्त शिक्षक विष्णुरंजन धर ने संबोधित किया।

अशोक बर्मन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की पृष्ठभूमि, सौ वर्षों की यात्रा और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में संघ के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ से प्रेरित होकर राष्ट्र सेविका समिति, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, इतिहास संकलन समिति, अधिवक्ता परिषद, विद्या भारती सहित अनेक संगठनों की स्थापना हुई, जो समाज के हर क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। समय के साथ स्वयं को परिवर्तित करते हुए संघ आज विश्व का सबसे बड़ा संगठन बन चुका है।

शुभ्रांशुशेखर भट्टाचार्य टाबू ने कहा कि हिंदू कोई संकीर्ण धर्म नहीं, बल्कि एक व्यापक संस्कृति है। सनातन धर्म का न कोई प्रारंभ ज्ञात है और न ही उसका अंत। सनातन विश्व का श्रेष्ठ धर्म है।

विष्णुरंजन धर ने हिंदू संस्कृति की एकता पर बल दिया। वहीं पिनाक दास ने आरएसएस के शताब्दी वर्ष के प्रमुख संकल्पों—पंच परिवर्तन, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक शिष्टाचार, समरसता एवं कुटुंब प्रबोधन—पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें लगभग दो हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर रिंकू भौमिक, बादल राय, गयाप्रसाद ग्वाला, सुशील देवबर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। संघ की ओर से दक्षिण काछार जिला बौद्धिक प्रमुख सजल दे, जिला संपर्क प्रमुख सुरजीत रुद्रपाल, जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं धोलाई खंड कार्यवाह राजेश राय, जिला पर्यावरण प्रमुख सुरंजीत राय, खंड व्यवस्था प्रमुख विक्रमजीत चक्रवर्ती सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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