उधारबंद में बाहरी प्रत्याशी के खिलाफ ११ लामबंद
प्रेरणा भारती | निहार कांति राय | उधारबंद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला करने वालों को एक दिन भाजपा का प्रत्याशी बनने का नैतिक अधिकार नहीं हो सकता। उधारबंद ब्लॉक ऑडिटोरियम में मंगलवार को उधारबंद ग्राम पंचायत क्षेत्र के जागरूक नागरिकों द्वारा आयोजित जनसभा में यह तीखा बयान भाजपा जिला समिति के आमंत्रित सदस्य एवं सभा के प्रारंभिक वक्ता बासुदेव शर्मा ने दिया।
सभा का मुख्य उद्देश्य उधारबंद विधानसभा क्षेत्र में बाहरी प्रत्याशी थोपे जाने के विरोध में जनभावना को मुखर करना था।
बसुदेव शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रारंभ में पार्टी टिकट के लिए 11 स्थानीय दावेदार थे, जिन्होंने अलग-अलग रूप से जिला और राज्य नेतृत्व के समक्ष आवेदन किया था। लेकिन जैसे ही यह जानकारी मिली कि बाहर से प्रत्याशी लाया जा रहा है, सभी दावेदारों ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि यदि उन्हीं में से किसी एक को प्रत्याशी बनाया जाता है तो वे सर्वसम्मति से उसे स्वीकार करेंगे। इस आशय का आवेदन जिला और राज्य नेतृत्व को सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि वे दिवंगत कविंद्र पुरकायस्थ के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और भाजपा की संगठनात्मक यात्रा के सिपाही रहे हैं। वर्ष 2016 तक उधारबंद में संगठनात्मक दायित्व निभाते हुए विधायक मिहिर कांति सोम को विजयी बनाने में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। अपने भाषण में उन्होंने दिवंगत भानु किरण राय और अनुकूल गोस्वामी को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
बसुदेव शर्मा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2008 में लक्षीपुर में आयोजित आरएसएस शिविर में कुछ कांग्रेस समर्थित असामाजिक तत्वों ने भोजन सामग्री नष्ट कर दी थी, जिसके बाद उन्हें शिविर से बाहर कर दिया गया। सूचना मिलने पर वे रात में वहां पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अरुणाबंद शंकराचार्य चिकित्सालय बंद होने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी। आज वही लोग रंग बदलकर उधारबंद के विकास की बात कर रहे हैं, जबकि इस भूमि से उनका कोई वास्तविक संबंध नहीं है।
सभा के दौरान जब उधारबंद के वर्तमान विधायक मिहिर कांति सोम के कार्यों पर संतुष्टि का प्रश्न उठाया गया, तो उपस्थित नागरिकों ने सामूहिक रूप से असंतोष व्यक्त किया। वहीं संभावित स्थानीय प्रत्याशियों ने उधारबंद के विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों की एक रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
बासुदेव शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उधारबंद के जागरूक नागरिक स्वयं इस आंदोलन को विराम देने का निर्णय नहीं लेते।
सभा में मृणाल भट्टाचार्य, संतोष दास, पत्रकार शिवाशीष चक्रवर्ती, जगन्नाथ राय, दुलाल देव, पूर्व पश्चिम जिला परिषद सदस्य प्रबाल चंद्र, बाबलू दास, जाकिर हुसैन, अमलेन्दु चौधुरी सहित अनेक वक्ताओं ने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए उधारबंद के विकास में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा 11 दावेदारों में से मिथुन नाथ, सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, जयज्योति दे, विश्वजीत दास, हेमांग शेखर दास, अरिजीत तांती, श्यामापद राय, कंचन सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे और इसके लिए जागरूक नागरिकों से सहयोग की अपील की।



















