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एआईयूडीएफ विधायक सुजम उद्दीन लस्कर ने दामछोरा से बेदखली का कड़ा विरोध किया

धर्म के आधार पर नहीं, अगर कोई गैर-कानूनी है तो उसे बेदखल करें, विधायक की सरकार को खुली चुनौती
प्रीतम दास हाइलाकांदी, ३ फरवरी: काटलीछोरा से एआईयूडीएफ विधायक सुजाम उद्दीन लस्कर ने हाइलाकांदी जिले के दामछोरा में चल रही बेदखली की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर फॉरेस्ट विलेज में बेदखली करनी ही है, तो यह सभी गैर-कानूनी कब्ज़ेदारों के खिलाफ होनी चाहिए, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो। किसी खास धर्म के लोगों को टारगेट करना और उन्हें गैर-कानूनी कहना पूरी तरह से गलत और अमानवीय है।
आज दामछोरा से बेदखली की कार्रवाई का दूसरा दिन है। कल से दामछोरा गांव के सेक्टर १,२,३ और ४ में बेदखली की कार्रवाई शुरू हो गई थी। कल सुबह करीब ६ बजे फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने पहले तामुल के पेड़ काटकर इलाका खाली किया और फिर घरों को गिराना शुरू कर दिया। इस बेदखली अभियान पर बात करते हुए एआईयूडीएफ विधायक सुजाम उद्दीन लस्कर ने कहा कि दामछोरा में चल रहा बेदखली अभियान पूरी तरह से अमानवीय है। धर्म के आधार पर कभी भी बेदखली नहीं होनी चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हर जगह सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लोगों को ‘बांग्लादेशी’ बताकर बेदखल कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उनके नाम वोटर लिस्ट से भी काटे जा रहे हैं। यह किसी भी तरह से मंज़ूर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हम सरकार से और कोई मांग नहीं करेंगे। हमने अल्लाह को इंसाफ सौंप दिया है। अल्लाह इंसाफ करेगा। विधायक ने आरोप लगाया कि जिस इलाके में बेदखली अभियान चलाया जा रहा है, वहां आदिवासी लोग भी रहते हैं। हालांकि, माइनॉरिटी समुदाय के सिर्फ ५१६ परिवारों को नोटिस देकर बेदखल किया गया है। उन्होंने कहा कि आम समुदाय के लोग ट्राइबल रिज़र्व फ़ॉरेस्ट में नहीं रह सकते, वहां सिर्फ रियांग समुदाय को रहने का हक है। लेकिन असम सरकार सिस्टमैटिक तरीके से माइनॉरिटी और ज़मीनहीन लोगों को टारगेट कर रही है। संविधान का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि ज़मीनहीन लोगों को बेदखल करने से पहले उन्हें बसाने और ज़मीन देने का साफ़ निर्देश है। लेकिन असम सरकार बिना किसी ज़मीनहीन परिवार को ज़मीन दिए बिना गैर-संवैधानिक तरीके से बेदखली अभियान चला रही है। आखिर में एआईयूडीएफ विधायक सुजाम उद्दीन लस्कर ने सरकार और मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री में सच में पावर और गुडविल है, तो वह मालीगांव में रेलवे की हज़ारों बीघा ज़मीन पर कब्ज़ा करके और सालों से वहां रह रहे लोगों को बेदखल करके दिखाएं। माइनॉरिटीज़ को टारगेट करना बंद करें।




















