केआरसी बराक उत्सव के तहत शिलचर प्रेस क्लब में निडोनॉमिक्स पर परिचर्चा
शुद्ध आवश्यकताओं की पूर्ति में ईश्वर स्वयं सहायक होते हैं : प्रो. मदन मोहन गोयल
शिलचर, 25 जनवरी | केआरसी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित ‘उत्तर-पूर्व एकता रैली 2026’ एवं ‘केआरसी बराक उत्सव’ के अंतर्गत शनिवार को शिलचर प्रेस क्लब में ‘निडोनॉमिक्स’ विषय पर एक विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा— शांति, प्रगति और समृद्धि।
मुख्य वक्ता प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं निडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट के प्रवर्तक प्रो. मदन मोहन गोयल ने कहा कि यदि मनुष्य की आवश्यकताएँ शुद्ध और निष्कलुष हों, तो ईश्वर स्वयं उनकी पूर्ति में सहायक होते हैं। उन्होंने समय के सदुपयोग, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन की सफलता का आधार बताया तथा ब्रह्म मुहूर्त में जागरण और संसाधनों के अपव्यय से बचने पर बल दिया।
प्रो. गोयल ने कहा कि निडोनॉमिक्स का उद्देश्य समाज के उपेक्षित और अक्षम वर्ग को कुशल एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को नैतिकता से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
केआरसी फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी एवं सीईओ विश्वदीप गुप्ता ने बताया कि उत्तर-पूर्व एकता रैली 4 जनवरी से 4 फरवरी तक आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य खेल, संस्कृति और साहसिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्रीय एकता को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में पर्यावरणविद प्रो. पार्थंकर चौधुरी और समाजसेवी संजित देवनाथ ने भी अपने विचार रखे। अंत में प्रो. मदन मोहन गोयल को सम्मान स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया।




















