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केशव स्मारक संस्कृति सुरभि का होम्योपैथिक प्रशिक्षण वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न
दक्षिण असम की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में ‘आरोग्य मित्र’ पहल ने जगाई नई उम्मीद
पालंघाट, 28 दिसंबर।
दूर-दराज़ के ग्रामीण इलाकों में आम लोगों तक सुलभ होम्योपैथिक चिकित्सा पहुंचाने के उद्देश्य से सेवा भारती दक्षिण असम प्रांत के अंतर्गत केशव स्मारक संस्कृति सुरभि द्वारा आयोजित ‘आरोग्य मित्र’ होम्योपैथिक प्रशिक्षण वर्ग 27 दिसंबर, शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवक-युवतियों को प्राथमिक होम्योपैथिक चिकित्सा का प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने-अपने गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य जागरूकता और प्राथमिक उपचार सेवा में सक्रिय करना है। यह जानकारी संस्था के प्रांतीय सचिव श्री शंकर कुमार दास ने दी।
साप्ताहिक प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न गांवों से कुल 25 प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया। संस्था की ओर से सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क होम्योपैथिक औषधि किट तथा एक बैग प्रदान किया गया। प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अचिंत्य कुमार नाथ के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण पालंघाट में श्री शुक्लबद्ध महाशय के निवास पर आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने प्रतिदिन सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक अनुशासित वातावरण में शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा संबंधी विविध विषयों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने इसे अपने व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ समाज सेवा के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
एक प्रशिक्षार्थी ने कहा, “यह हमारे लिए एक अद्भुत और अविस्मरणीय अनुभव रहा। अब हम अपने गांव में सामान्य रोगों का उपचार कर सकेंगे और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैला पाएंगे।”
संस्था की ओर से बताया गया कि आगामी दिनों में प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार के प्रशिक्षण वर्ग निरंतर आयोजित किए जाएंगे। प्रांतीय सचिव श्री शंकर कुमार दास ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या है। ‘आरोग्य मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित युवक-युवतियां इस कमी को काफी हद तक दूर करेंगे। भविष्य में अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने की योजना है।”
यह पहल स्थानीय समाज में सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त कर रही है और दक्षिण असम की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।





















