कोलकाता पुस्तक मेले में ‘नया दिगंत’ की नई पुस्तक का विमोचन, विष्णुपुर की विरासत को उजागर करती है सुरंगमा की कृति
कोलकाता: कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के ‘राइटर्स वर्ल्ड’ स्टॉल पर शनिवार शाम ‘नया दिगंत प्रकाशन’ की नई पुस्तक ‘बरसाती भटकन और इतिहास की ज्यामिति की तलाश’ का विमोचन किया गया। लेखिका सुरंगमा भट्टाचार्य की यह कृति प्रकाशन के साथ ही पाठकों—खासतौर पर यात्रा और इतिहास में रुचि रखने वालों—के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बन गई और पहले ही दिन इसकी कई प्रतियां बिक गईं।
पुस्तक के आवरण अनावरण समारोह में लेखक सैयद कौसर जमाल, कथाकार अलक गोस्वामी, कवि सुमिताभ घोषाल, कवि-अभिनेता सत्यप्रिय मुखोपाध्याय, उपन्यासकार-संपादक बिप्लब चक्रवर्ती, कवयित्री चंद्रदीपा सेनशर्मा, कवयित्री अलकानंदा गोस्वामी, लेखिका सुरंगमा भट्टाचार्य, प्रकाशक मीता दासपुरकायस्थ तथा लेखक-संपादक सिद्धार्थ सिंह सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।
यह पुस्तक ऐतिहासिक मंदिर-नगर विष्णुपुर की स्थापत्य विरासत और मूर्तिकला पर विस्तार से प्रकाश डालती है। लेखक ने यात्रा-वृत्तांत को इतिहास की सूक्ष्म पड़ताल के साथ जोड़ा है, जिससे यह कृति यात्रियों के साथ-साथ इतिहासप्रेमियों के लिए भी महत्वपूर्ण बन जाती है। सुरंगमा भट्टाचार्य ने कहा, “यह केवल यात्रा-कथा नहीं, बल्कि हमारी विरासत की गहरी खोज है।” वहीं प्रकाशक मीता दासपुरकायस्थ के अनुसार, पुस्तक मेले में तेजी से लोकप्रिय हो रही है और पाठकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।
कुल मिलाकर, ‘नया दिगंत’ की यह नई पेशकश समकालीन यात्रा साहित्य में एक सशक्त और शोधपरक योगदान के रूप में उभरती दिख रही है।

















