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खेतों में उड़ती टीन की छतें: भीषण आंधी से शिलचर और आसपास में व्यापक तबाही
पूर्व विधायक Rajdeep Goala ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
रानु दत्त, शिलचर, 12 अप्रैल:
रविवार दोपहर अचानक आए भीषण आंधी-तूफान ने दक्षिण असम के कछार जिले में व्यापक तबाही मचा दी। Silchar शहर समेत आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। खेतों में टिन की छतों के उड़ते मंजर ने तूफान की भयावहता को स्पष्ट कर दिया।
तेज आंधी के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए और यातायात बाधित हुआ। कई स्थानों पर वाहन फंसने की भी सूचना है। वहीं, बिजली के खंभे टूटने और तार क्षतिग्रस्त होने से बड़े इलाके में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
तूफान का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखा गया, जहां कई घरों और दुकानों की टिन की छतें उड़ गईं। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने से मकानों को भी क्षति पहुंची है। विशेष रूप से काठीघोड़ा राजस्व सर्किल के अंतर्गत कई गांवों में घरों के नुकसान की खबरें सामने आई हैं, जहां प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन किया जा रहा है।
शहर में गिरे पेड़ों के कारण अनेक सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया है। राहत एवं बचाव कार्य के तहत एसडीआरएफ, एसक्यूआर और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और सड़कों को साफ करने में जुटी हैं। हालांकि, क्षति की गंभीरता को देखते हुए सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता है।
इस बीच, भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक राजदीप ग्वाला ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत एवं पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत और बहाली कार्य तेज कर दिए हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन नुकसान का वास्तविक आकलन अभी जारी है और इसके बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सोनाई, लखीपुर और उधारबंद क्षेत्रों से अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि सड़कें पूरी तरह साफ होने तक सतर्क रहें और अनावश्यक आवागमन से बचें। नई जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी।




















