तप्त हॉर्मुज पार कर मिली राहत: भारत की ओर बढ़ रहे दो विशाल एलपीजी जहाज
निज संवाददाता, दिल्ली, 14 मार्च 2026:
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी गतिरोध के बीच भारत ने आखिरकार राहत की सांस ली है।
फारस की खाड़ी में तनावपूर्ण स्थितियों के बीच फंसे दो विशाल एलपीजी (LPG) वाहक जहाज आखिरकार मुक्त होकर भारत के पश्चिमी तट की ओर रवाना हो गए हैं। शनिवार को केंद्र सरकार की ओर से इस खबर की पुष्टि की गई।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नामक इन दो एलपीजी टैंकरों में कुल 92,700 मीट्रिक टन गैस मौजूद है। शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के स्वामित्व वाले ये दोनों जहाज शनिवार तड़के हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। जहाजरानी मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ‘शिवालिक’ के 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह और ‘नंदा देवी’ के 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है।
देश में रसोई गैस की घरेलू आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए इन जहाजों के बंदरगाह पहुंचते ही उन्हें ‘प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग’ (Priority Berthing) देने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों में हॉर्मुज को छोड़कर वैकल्पिक रास्तों से आए छह अन्य एलपीजी जहाजों को भी इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर बंदरगाहों पर खाली कराया गया है।
हालांकि, चिंता अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि युद्धग्रस्त खाड़ी क्षेत्र में भारत के कई अन्य जहाज अभी भी ‘स्टैंडबाय’ (Standby) सूची में हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कुल 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें छह एलपीजी टैंकर, एक एलएनजी टैंकर और चार कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और इन जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए नई दिल्ली संबंधित देशों के साथ उच्च स्तरीय राजनयिक प्रयास और समन्वय जारी रखे हुए है।




















