फॉलो करें

नीरजा माधव को राष्ट्रीय मैथिली शरण गुप्त सम्मान  भोपाल।  राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित प्रख्यात

556 Views
प्रेरणा प्रतिवेदन, 8 जनवरी: साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव (वाराणसी) को मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की ओर से वर्ष 2023 के लिए राष्ट्रीय मैथिली शरण गुप्त सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान के तहत उन्हें ₹5,00000 (पांच लाख)की राशि, सम्मान पट्टिका और शाल- श्रीफल प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान का अलंकरण समारोह आगामी 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित किया जाना सुनिश्चित हुआ है।
ज्ञातव्य है कि यह पुरस्कार मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा दिया जाने वाला राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार है जो प्रति वर्ष पूरे देश में किसी एक साहित्यकार को दिया जाता है। इसके पूर्व भी डॉ. नीरजा माधव को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा साहित्य भूषण और यशपाल सम्मान, मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी सम्मान, डॉक्टर हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान, राष्ट्रीय साहित्य सर्जक सम्मान, तथा सर्वोच्च महिला नागरिक सम्मान “नारी शक्ति पुरस्कार” प्राप्त हो चुके हैं। उनके उपन्यास और कहानियां विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में पढ़ाए जाते हैं। अभी हाल में ही भारत सरकार द्वारा डॉ. नीरजा माधव को शिक्षा मंत्रालय के लेखक सदस्य के रूप में नामित किया गया है। डॉ नीरजा माधव उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कबीर अकादमी की सदस्य भी नामित की गई हैं।

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

इंडियन आर्मी ने तिनसुकिया में नव रूपांतर चिल्ड्रन होम के बच्चों के साथ होली मनाई तिनसुकिया: 03 मार्च 2026 को, रेड शील्ड गनर्स ने, स्पीयर कॉर्प्स के अंडर, असम के रूपाई में चिल्ड्रन होम को चमकीले रंगों और दिल को छू लेने वाली मुस्कान से भर दिया, क्योंकि उन्होंने अपनी लगातार कम्युनिटी आउटरीच पहल के तहत वहां रहने वाले बच्चों के साथ रंगों का त्योहार मनाया। जब सैनिक और बच्चे एक साथ आए और न केवल रंगों और मिठाइयों से, बल्कि सच्चे प्यार और हंसी-मजाक से भी होली मनाई, तो “अनाथालय में खुशियों के रंग भर गए”। 8 से 17 साल के कुल 20 बच्चों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया, उनके उत्साह से पूरा परिसर जगमगा उठा। रंगों के बिखरने के साथ होली शुरू हुई, जो जल्द ही बेफिक्र मस्ती और खुशी भरी बातचीत के पलों में बदल गई। आर्मी के जवानों ने बच्चों के साथ अच्छा समय बिताया—खेलते हुए, बातें करते हुए, हिम्मत बढ़ाते हुए और सुनते हुए—यह पक्का करते हुए कि हर बच्चे को अहमियत महसूस हो और उसे अपनाया जा रहा हो। यह त्योहार प्यार और अपनेपन का प्रतीक बन गया, जहाँ यूनिफॉर्म चमकीले रंगों के साथ मिल जाती थी और दिल बिना किसी रुकावट के जुड़ जाते थे। बातचीत के दौरान, होली के एकता, उम्मीद और पॉजिटिविटी के त्योहार के महत्व को शेयर किया गया, जिससे मेलजोल और साथ रहने की वैल्यूज़ को मज़बूती मिली। सभी को मिठाइयाँ बाँटी गईं, जिससे दिन में मिठास आई और इंडियन आर्मी और लोकल कम्युनिटी के बीच का रिश्ता और मज़बूत हुआ। बच्चों की मुस्कान, हँसी और चमकते चेहरों ने होली का असली मतलब दिखाया—प्यार फैलाना, खुशियाँ बाँटना और एक बड़े परिवार की तरह साथ खड़े होना। इस पहल ने कम्युनिटी वेलफेयर, युवाओं से जुड़ाव और असम के लोगों के साथ भरोसे के रिश्ते को मज़बूत करने के लिए इंडियन आर्मी के पक्के कमिटमेंट को फिर से पक्का किया।

Read More »

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल