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खेरनी, २९ दिसंबर : कार्बी आंग्लांग में लंबे समय से चले आ रहे भूमि अतिक्रमण विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कार्बी आंग्लांग स्वायत्त परिषद (काक) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) डॉ. तुलीराम रोङहांग ने आज दीफू में आयोजित हाई-पावर्ड कमिटी की बैठक के बाद बेदखली नोटिस जारी करने की घोषणा की।

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. रोङहांग ने कहा कि काक गुवाहाटी हाईकोर्ट में लंबित प्रोफेशनल ग्रेजिंग रिजर्व (पीजीआर) और विलेज ग्रेजिंग रिजर्व (वीजीआर) भूमि से संबंधित मामलों में निर्देशानुसार ५ जनवरी २०२६ को हलफनामा दाखिल करेगा।
३० दिसंबर २०२५ से चिह्नित अतिक्रमणकारियों को बेदखली नोटिस जारी किए जाएंगे, जिसमें उन्हें भूमि खाली करने के लिए १५ दिन का समय दिया जाएगा। हालांकि, हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करने वाले ३३९ व्यक्तियों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा और उनके मामले में अदालती फैसले तक कार्रवाई स्थगित रहेगी।
यह घोषणा २६ दिसंबर को असम सरकार, काक और कार्बी प्रतिनिधियों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता के परिणामों पर आधारित है, जिसमें गैर-आदिवासियों को जारी ट्रेडिंग लाइसेंस रद्द करने, खाली रिजर्व भूमियों की बाड़बंदी करने तथा विवादित एवं विभागीय भूमियों से अतिक्रमण हटाने की प्रतिबद्धता जताई गई थी।
प्रदर्शनकारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता लिटसोंग रोङफार ने भी पत्रकारों से बातचीत में सरकार की इन प्रतिबद्धताओं , लाइसेंस रद्द करना, बेदखली अभियान और बाड़बंदी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “हम अपनी समुदाय से विचार-विमर्श कर यह तय करेंगे कि ये कदम स्वदेशी भूमि अधिकारों की रक्षा की हमारी मांगों को पूरी तरह संतुष्ट करते हैं या नहीं।” स्थिति को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि अभी भी आशा है और जनवरी मध्य में आगे की वार्ता निर्धारित है।
ये घटनाक्रम पश्चिम कार्बी आंग्लांग में संरक्षित चरागाह भूमियों पर कथित अवैध बस्तियों को लेकर हालिया अशांति और प्रदर्शनों के बाद तनाव कम करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।





















