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भारतमाला परियोजना लूट का अड्डा बनी! खेत की मिट्टी से सड़क निर्माण, करोड़ों के घोटाले का आरोप
पूर्व काठीघोड़ा (काछार) | विशेष रिपोर्ट
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना को कछार में खुलेआम भ्रष्टाचार और लूट का माध्यम बना दिया गया है। निर्माणाधीन सड़क में पहाड़ी मिट्टी के बजाय कृषि खेतों की नर्म मिट्टी डालकर घटिया निर्माण किए जाने का सनसनीखेज आरोप सामने आया है।
रविवार को फूलबाड़ी–तारिणीपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत तारिणीपुर प्रथम खंड क्षेत्र में सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण में हो रही भारी अनियमितताओं के खिलाफ उग्र विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ठेका प्राप्त जंडु इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी सरकारी नियमों को ताक पर रखकर जेसीबी और ट्रिपर से दिन-रात अवैध रूप से कृषि भूमि की खुदाई कर रहे हैं और उसी मिट्टी से सड़क का बेस तैयार किया जा रहा है। यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जनता के टैक्स के पैसों की खुली लूट है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि अब्दुल गफ्फूर बड़भुइयां सहित कई ग्रामीण नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह इलाका बाढ़-प्रवण है। बरसात में भारी वर्षा और बाढ़ के पानी से यह नर्म मिट्टी बह जाएगी और करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क कुछ ही महीनों में तबाह हो जाएगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा खेल करोड़ों रुपये की सरकारी राशि हड़पने की सुनियोजित साजिश है। सड़क के साथ-साथ संबंधित कलवर्ट निर्माण और हारांग नदी पर बन रहे पुल के कार्यों में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं।
आक्रोशित जनता ने मांग की है कि तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और पहाड़ी मिट्टी से मानक अनुसार सड़क निर्माण सुनिश्चित किया जाए। इस मुद्दे पर कछार के जिला आयुक्त, कटिगढ़ा सर्कल अधिकारी, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा तथा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से सीधे हस्तक्षेप की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन, कार्यस्थल घेराव और काम बंद कराने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और ठेकेदार कंपनी की होगी।



















