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भारत और कनाडा के बीच संबंधों में आई है उल्लेखनीय खटास-अतनु दास

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अतनु दास , वरिष्ठ पत्रकार, पूर्व पीटीआई 

नई दिल्ली २५ जून : वर्तमान समय में भारत और कनाडा के रिश्तों में बेहद खटास आई है।नौबत यह आ गई है कि दोनों देश, एक दूसरे के अधिकारियों को अपने देश से निकाल रहे हैं।ज्ञातव्य है कि पहले कनाडा ने भारतीय दूतावास से एक अधिकारी को निष्कासित कर दिया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में भारत ने भी कनाडा दूतावास के एक अधिकारी को निष्कासित कर दिया।
बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने कनाडा में रह रहे भारतीय छात्रों और नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।जिसमें कनाडा में रहने वाले सभी भारतीय छात्रों और नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है। साथ ही कहा गया है कि  भारतीय समुदाय और छात्र उन जगहों पर जाने से बचें, जहां पर पहले हिंसा के मामले हुए हैं. भारत सरकार की ओर से ये एडवाइजरी कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों के चलते सलाह दी गई है।
चिंतित हैं भारतीय छात्र ऐसे में सवाल उठता है कि संबंध बिगड़ने से कनाडा में पढाई कर रहे छात्रों पर कितना असर पड़ेगा। बता दें कि मौजूदा समय में, कनाडा में प्रवास करने वाली अंतर्राष्ट्रीय छात्र आबादी का 40 प्रतिशत से अधिक भारत से है। साल 2022 में छात्रों को जारी किए गए 5,49,570 स्टडी परमिट में से 2,26,000 भारतीयों को दिए गए थे।हालांकि भारत और कनाडा के रिश्तों में आई खटास के कारण भारतीय छात्र तनाव में हैं। उन्हें डर है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थकों द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर लगाम लगा सकती है भारत की सरकार । दूसरी ओर कनाडा सरकार भी भारतीय छात्रों समेत अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर लगाम लगा सकती है। दरअसल, कनाडा की सरकार बढ़ते आवासीय संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या सीमित कर सकती है। जिसका असर भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है।वैध स्टडी वीजा के साथ कनाडा में रहने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 2018 में 1,71,505 से बढ़कर 2019 में 2,18,540, 2020 में 1,79,510, 2021 में 2,16,500 और 2022 में 2,26,000 हो गई है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजी ऐंड सिटिजनशिप कनाडा (आईआरसीसी) के आंकड़ों के अनुसार कनाडा में स्थायी निवासी बनने वाले भारतीयों की संख्या 2013 के 32,828 से बढ़कर करीब 260 फीसदी वृद्धि के साथ 2022 में 1,18,095 हो गई है।दोनों देश के बीच रिश्ते को पहले जैसा मधुर बनाने के लिए बहुत मात्रा में मिठास घोलना अनिवार्य हो गया है । इसके लिए दोनों पक्षों को ठोस कदम उठाना होगा।

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