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मारवाड़ी सम्मेलन का दो दिवसीय ऐतिहासिक ‘श्रेष्ठ पूर्वोत्तर’ भव्य 17वां भव्य महासम्मेलन शिलचर में प्रारंभ 

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प्रे.स. शिलचर, 22 मार्च: आज शिलचर में मारवाड़ी सम्मेलन का दो दिवसीय ऐतिहासिक 17वां प्रांतीय ‘श्रेष्ठ पूर्वोत्तर’ भव्य महासम्मेलन प्रारंभ हो गया। पूरे पूर्वोत्तर के 50-60 से ज्यादा स्थानों से पधारे 200 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने शिलचर के सागरिका रिसोर्ट में पहुंचकर अपना पंजीकरण कराया। सम्मेलन में पूरे पूर्वोत्तर के प्रतिनिधियों के साथ बाद घाटी का पूरा मारवाड़ी समाज जुड़ गया है। संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने ध्वजोतोलन किया। सम्मेलन के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। तत्पश्चात कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। कार्यकारिणी बैठक के पश्चात प्रांतीय सभा की बैठक संपन्न हुई। मध्यान्ह भोजन के पश्चात मुक्त सत्र में आमने-सामने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम हुआ। चाय के पश्चात सभी प्रतिनिधि राजीव भवन के लिए प्रस्थान किए।
मारवाड़ी सम्मेलन के स्थापना के 90 वर्ष हो चुके हैं। शिलचर में यह पहला अवसर है जब प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है। शिलचर और बराक घाटी के मारवाड़ी समाज के सदस्यों ने पूरी लगन और परिश्रम से अधिवेशन की प्रस्तुति की है, केंद्रीय पदाधिकारियों सहित पूरे पूर्वोत्तर से आए प्रतिनिधियों का जोरदार स्वागत किया गया। हवाई मार्ग, रेल और सड़क मार्ग से आने वाले अतिथियों के ठहरने की विशेष व्यवस्थाएं चार प्रतिष्ठित होटलों और जैन भवन में की गई हैं। इस दो दिवसीय महासम्मेलन में अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के कोलकाता से केंद्रीय अध्यक्ष शिवकुमार लोहिया व महामंत्री कैलाशपति तोदी, प्रदेश अध्यक्ष कैलाश काबरा, प्रदेश महामंत्री विनोद कुमार लोहिया सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित है।
इस अवसर पर एक विशेष स्मारिका का विमोचन भी किया गया। महासम्मेलन के दौरान राजीव भवन में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रांतीय पुरस्कार वितरण और स्मारिका विमोचन के साथ रात्रि भोज का आयोजन भी किया गया। इस दौरान मारवाड़ी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का जोरदार संचालन अपने अपने ने अंदाज में श्रीमती बबीता डागा और सोनम जैन ने किया और दर्शकों श्रोताओं को बांधे रखा। मारवाड़ी सम्मेलन के स्थानीय सभापति मूलचंद वैद, मंत्री पवन कुमार राठी, स्वागत अध्यक्ष बुधमल वैद, मंत्री प्रदीप सुराणा, महिला शाखा की अध्यक्षा श्रीमती सुंदरी पटवा और मंत्री श्रीमती हीरा अग्रवाल पूरे समय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कर्मकता और सक्रियता के साथ लगे रहे। राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी एक ही वेशभूषा में सजे धजे राजस्थानी पगड़ी में शोभायमान हो रहे थे। बाहर से आए कुछ समितियां के पदाधिकारी भी एक वेशभूषा में अच्छे लग रहे थे।
उल्लेखनीय है कि उत्तर-पूर्वी प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की स्थापना वर्ष 1935 में हुई थी। यह संगठन मारवाड़ी समाज के हितों के संरक्षण, सामाजिक उत्थान एवं व्यावसायिक विस्तार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सम्मेलन के दौरान मारवाड़ी समाज के व्यावसायिक विकास, सामाजिक उत्थान और संगठनात्मक विषयों पर गहन चर्चा होगी।  महिलाओं और युवाओं को विशेष दायित्व सौंपे गए हैं, जिसमें सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के स्वागत, आवास एवं भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। 23 मार्च को पुणे सागरिका रिसोर्ट में ही सुबह से कार्यक्रम चलेगा, सर्वप्रथम प्रतिनिधि सभा के पश्चात तकनीकी सत्र श्रेष्ठ पूर्वोत्तर का आयोजन किया जाएगा, लंच के पश्चात सभापति का चुनाव होगा और सभापति का शपथ ग्रहण किया जाएगा। शाम को 5:00 बजे प्रेस ब्रीफिंग और धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन होगा।

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