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रामकृष्णनगर में हरिसभा मंदिर प्रबंधन समिति की पहल पर इस्कॉन अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक

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रामकृष्णनगर में हरिसभा मंदिर प्रबंधन समिति की पहल पर इस्कॉन अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक
हीरक बनिक, रामकृष्णनगर, 12 जनवरी :
रामकृष्णनगर की ऐतिहासिक हरिसभा मंदिर प्रबंधन समिति के तत्वावधान में रविवार को रामकृष्णनगर नगरपालिका के अंतर्गत वार्ड नंबर–1 स्थित चांदराय क्षेत्र में अखाड़े के समीप गोविंद पाल के आवास पर इस्कॉन मंदिर के सम्मानित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के धार्मिक एवं आध्यात्मिक विकास को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक के संदर्भ में राजेंद्र कुमार दास ने कहा कि यह दिन रामकृष्णनगर के निवासियों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी, रविवार को विभिन्न मठ–मंदिरों के अधिकारियों एवं रामकृष्णनगर के भक्तों ने मिलकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यहां श्री गौरांग महाप्रभु का प्राचीन अखाड़ा स्थित है, जो पिछले 28 वर्षों से उपेक्षित और जीर्ण अवस्था में पड़ा हुआ है। एक समय यह अखाड़ा गोपाल की सेवा–पूजा के लिए प्रसिद्ध था और क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबियों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र हुआ करता था।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस अखाड़े का सामूहिक प्रयास से पुनः संस्कार एवं विकास किया जाएगा। इसके साथ ही इस स्थान को अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) को सौंपकर समुचित विकास करने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव के अनुसार, यहां मंदिर विकास के साथ–साथ वैदिक शिक्षा के प्रसार हेतु गुरुकुल या विद्यालय, तथा अन्य आवश्यक संस्थानों की स्थापना की जाएगी, ताकि क्षेत्र में सनातन संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। राजेंद्र कुमार दास ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि क्षेत्र के सनातनी कृष्णभावनामृत से जुड़ें और कृष्ण सेवा के माध्यम से आत्मकल्याण की ओर अग्रसर हों। आगामी दिनों में यहां विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ–साथ जन्माष्टमी महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार का केंद्र होता है। अन्य धर्मों में जहां धार्मिक शिक्षा की व्यवस्था है, वहीं सनातन धर्म में इस दिशा में अभी भी व्यापक प्रयास की आवश्यकता है। इस्कॉन के माध्यम से देश–विदेश में गुरुकुल स्थापित कर वैदिक शिक्षा प्रदान की जा रही है, और उसी तर्ज पर यहां भी कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आगामी दिसंबर माह में इस्कॉन के महाराज जी के आगमन की संभावना है, जिन्हें यहां आमंत्रित किया जाएगा। उनके मार्गदर्शन और तत्त्वावधान में ही आगे की समस्त सेवा एवं विकास कार्य किए जाएंगे।
बैठक में गौरी शंकर विश्वास, गोविंद पाल, पार्थ राय, लाकू विश्वास, संजय नाथ, राजू चौधरी, सहित अनेक भक्तगण तथा इस्कॉन से आए सम्मानित अधिकारी उपस्थित थे।

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