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लखीपुर विधानसभा क्षेत्र में श्रद्धा और हर्षोल्लास से दो सौ स्थानों पर टुसू पूजा का आयोजन किया गया
लखीपुर, १6 जनवरी : जिले के लखीपुर विधानसभा क्षेत्र में श्रद्धा और हर्षोल्लास से टुसू पूजा का आयोजन किया गया। इस क्षेत्र में कुल मिलाकर लगभग दौ सौ टुसु पुजा किया गया, जिसकी जिम्मेदारी बराक चाय जनगोष्ठी उन्नयन समिति ने उठाया। समिति के कार्यकर्ताओं ने इस पर्व के बारे में बताते हुए कहा कि इस उत्सव को टुसू महोत्सव या परब भी कहा जाता है। असम और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों, खासकर चाय बागानों में मनाया जाने वाला एक लोक त्योहार है, जो भरपूर फसल और नारी शक्ति का प्रतीक है, जिसमें कुंवारी कन्याएँ सात दिनों तक ‘टुसू देवी’ (मिट्टी की बनी मूर्ति) की पूजन करती हैं, लोकगीत गाती हैं और मकर संक्रांति पर नदी में विसर्जित करती हैं, जिससे यह स्थानीय समुदायों (भूमिज, मुंडा, बाउरी,आदि) के बीच एक महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव बन जाता है। यह त्योहार हिन्दू पौष महीने का कृष्णा पंचमी तिथि को आरंभ होता है। लड़कियाँ मिट्टी की टुसू देवी की मूर्ति की सेवा-भाव से पूजन करती हैं, जिसमें प्रेम, दया और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व नारी शक्ति, प्रेम और बलिदान का उत्सव है, जिसमें कुंवारी कन्याएँ ही मुख्य रूप से भूमिका निभाती हैं। सात दिनों तक पुजन, भजन, लोकगीत के जरिए एकादशी तिथि को मकर संक्रांति पर समाप्त होता है। यह एक धर्मनिरपेक्ष त्योहार है जो विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग मिलकर मनाते हैं, और इसके दौरान ग्रामीण मेलों (मेला) का आयोजन किया गया है।





















