विज्ञान-मनस्कता समाज की प्रगति की कुंजी: ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी, शिलचर की संगोष्ठी में डॉ. सौमित्र बनर्जी
शिलचर, 09 फरवरी: विज्ञान आधारित संगठन ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी, शिलचर चैप्टर के तत्वावधान में समाज में विज्ञान-मनस्कता विकसित करने के उद्देश्य से एक विचार-विमर्श सभा का आयोजन कल शिलचर के मध्यशहर स्थित सांस्कृतिक संस्था के प्रेक्षागृह में किया गया। इस अवसर पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के सेवानिवृत्त निदेशक एवं प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. सौमित्र बनर्जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
आसाम चैप्टर के प्रमुख संयोजक पिंटू देवनाथ के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत में ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी, शिलचर चैप्टर की संयोजक अनन्या दत्त ने स्वागत भाषण दिया।
अपने सारगर्भित संबोधन में डॉ. सौमित्र बनर्जी ने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान-मनस्कता केवल वैज्ञानिकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक के जीवन-दर्शन का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए। विज्ञान-मनस्कता का अर्थ केवल वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी नहीं, बल्कि तर्क, प्रमाण और कारण-कार्य संबंधों के आधार पर किसी भी विषय का मूल्यांकन करना है।
उन्होंने कहा कि हमारे समाज में आज भी कुसंस्कार, झाड़-फूंक जैसी अवैज्ञानिक परंपराएं प्रचलित हैं। विज्ञान-मनस्कता लोगों को प्रश्न पूछने और तथाकथित ‘अलौकिक’ कारणों के स्थान पर वैज्ञानिक व्याख्या खोजने के लिए प्रेरित करती है, जिससे अंधविश्वास का उन्मूलन संभव होता है।
डॉ. बनर्जी ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत जीवन से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सही निर्णय लेने के लिए तथ्यों का विश्लेषण अत्यंत आवश्यक है। विज्ञान-मनस्क व्यक्ति भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि प्रमाण और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेता है, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होती है। विज्ञान-मनस्कता जड़ता को तोड़कर नवीन विचारों का मार्ग प्रशस्त करती है और यही सामाजिक व आर्थिक प्रगति की कुंजी है। उन्होंने सभी से विज्ञान-मनस्क दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में शिलचर की तीन विज्ञान-आधारित संस्थाओं— स्माइल, मार्च फॉर साइंस (शिलचर चैप्टर) तथा द ह्यूमन साइंस फोरम— को विज्ञान-मनस्कता के प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशेष सम्मान से नवाजा गया।
स्माइल की ओर से सुरजीत सोम ने सम्मान ग्रहण किया। ह्यूमन साइंस फोरम की ओर से अध्यक्ष निर्मल कुमार दास के साथ परितोष दत्त और सुकल्पा दत्त ने सम्मान स्वीकार किया। वहीं मार्च फॉर साइंस, शिलचर चैप्टर की ओर से संयोजक कृषाणु भट्टाचार्य के साथ मधुसूदन कर, हरिदास दत्त, कमल चक्रवर्ती, राहुल राय, खादेजा लस्कर, सत्यजीत गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने सम्मान ग्रहण किया।
इस अवसर पर ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी, शिलचर चैप्टर की ओर से साबिर अहमद, किसान दास, सबिना यास्मिन सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।



















