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व्रतधारियों ने डूबते हुये सूर्य की उपासना कर अर्घ्य दिया बिटिसी के लगभग 125 छठ पूजा घाट मे पाराम्परिक तरीके से छठ पर्व मनाया गया

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व्रतधारियों ने डूबते हुये सूर्य की उपासना कर अर्घ्य दिया
बिटिसी के लगभग 125 छठ पूजा घाट मे पाराम्परिक तरीके से छठ पर्व मनाया गया
कोकराझर 27 अक्टूबर । सूर्य उपासना का महापर्व छठ के अवसर पर पूरे देश के साथ कोकराझार जिले के कोकराझर के पथरघाट, टाइनाली, भोटगांव,  सालाकाटी , गोसाइगाव , कछुगाँव,,सालफ़ानगुरी,भदयागुड़ी, तुलसीबील  गुरुफेला , फकिराग्राम,रुपसी, भावराँगुरी  सहित जिले के विभिन्न छठ पूजा घाटो में छठ महापर्व मनाया गया । वही कोकराझार जिले के सभी छठ पूजा घाट पर हजारों की संख्या में इस महापर्व में आस्था में रखने वाले भक्तो के साथ व्रतधारियों ने डूबते हुये सूर्य की उपासना कर अर्घ्य दिया।कोकराझार जिले के सभी छठ पूजा घाट पर छठ पूजा व्रतधारियों के हर शुविधा का धयान रखा गया। नदी घाट में सजावट एवं मूर्ति रख कर पाराम्परिक तरीके से छठ पर्व मनाया गया । वही बिटिसी के लगभग 125 छठ पूजा घाट मे पाराम्परिक तरीके से छठ पर्व मनाया गया । वही दूसरी और  पुलिस प्रसासन दवारा छठ पूजा घाटो पर सुरक्षा के पुखते इतजामद किया गया था। अखिल हिंदिभाषी युवा छात्र परिषद के बिटिसी समिति के अध्यक्ष शेखर यादव, उपाध्यक्ष जीतेन्द्र गिरी महासचिव रामनिवास कुमार और कोकराझार जिला समिति के अध्यक्ष गोपाल प्रसाद ने देशवासीओ असम बाशियों और बिटिसी वाशियों को महापर्व छठ की शुभकामनायें दिया है।

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