शिलचर में जैन धर्मगुरु योगीराज श्री विजय शांति सुरिश्वरजी की 136वीं जयंती एवं दीक्षा दिवस समारोह श्रद्धा के साथ संपन्न
शिलचर, 24 जनवरी:
जैन धर्म के महान योगी एवं तपस्वी योगीराज श्री विजय शांति सुरिश्वरजी की 136वीं जन्म जयंती एवं दीक्षा दिवस समारोह जैन भवन, सिलचर में श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन लगातार 26वीं बार संस्था “समस्त विजय शांति सुरिश्वर गुरु भक्तजन” के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
गौरतलब है कि गुरुदेव का जन्म अहीर कुल में हुआ था, किंतु जैन आचार्य के सान्निध्य में आकर उन्होंने जैन धर्म में दीक्षा ग्रहण की और आज वे जैन समाज के लिए प्रेरणा स्रोत माने जाते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ जैन ध्वजा उत्तोलन से हुआ, जिसे महावीर प्रसाद जैन, विजय सिंह नाहटा, चिरंजी लाल बड़डिया, जय बड़डिया, श्याम खटोल, ललित गुलेछा सहित समस्त गुरु भक्तों ने संपन्न कराया। कार्यक्रम में लगभग 600 श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
पूर्वाह्न साढ़े दस बजे तीर्थंकर भगवान की आरती के उपरांत श्री विजय शांति सुरिश्वरजी की आरती संपन्न हुई। इसके पश्चात महामंत्र नवकार के सामूहिक जाप के साथ कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की गई।
भक्ति कार्यक्रम में श्री प्रवेश बोथरा, मानक पटवा, नेमिचंद जैन, राजू श्यामसुखा, जय राम एवं तारा देवी नाहटा द्वारा प्रस्तुत गुरु भक्ति भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भावविभोर होकर गुरु भक्ति में झूमते नजर आए।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में लखीपुर के पूर्व विधायक एवं बराक चाय श्रमिक यूनियन के महामंत्री श्री राजदीप ग्वाला तथा भारतीय जनता पार्टी के कानूनी पक्ष के मुख्य संयोजक एडवोकेट श्री रत्नाकर भट्टाचार्य उपस्थित रहे। जैन समाज की ओर से दोनों अतिथियों का सम्मान किया गया।
भक्ति कार्यक्रम के समापन के बाद दोपहर 1 बजे से गुरु प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सायं 6:30 बजे पुनः आरती एवं भक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन श्री ललित गुलेछा द्वारा किया गया। इस प्रकार श्रद्धा और भक्ति के साथ गुरुदेव श्री विजय शांति सुरिश्वरजी की जयंती मनाई गई।




















