फॉलो करें

शिलचर में ‘पूरबी डेयरी’ के दुग्ध उत्पादन केंद्र का शुभारंभ, बराक घाटी के लिए ऐतिहासिक दिन

14 Views
शिलचर में ‘पूरबी डेयरी’ के दुग्ध उत्पादन केंद्र का शुभारंभ, बराक घाटी के लिए ऐतिहासिक दिन
शिलचर, 2 मार्च 2026 (रानू दत्त की रिपोर्ट):
दक्षिण असम के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत शिलचर के घुंगूर क्षेत्र में स्थित ‘पूरबी डेयरी’ के आधुनिकीकृत दुग्ध उत्पादन केंद्र का आज विधिवत उद्घाटन किया गया। असम सरकार के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के मंत्री कृष्णेंदु पाल ने फीता काटकर परियोजना का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर बराक घाटी विकास मंत्री कौशिक राय, सांसद कणाद पुरकायस्थ, सांसद परिमल शुक्लबैद्य, विधायक दीपायन चक्रवर्ती तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मिनेश शाह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एएचएंडवी विभाग के आयुक्त एवं सचिव एम.एस. मणिवन्नन, सहकारिता विभाग के सचिव अनंत लाल ज्ञानी, कछार के अतिरिक्त जिला आयुक्त रकतिम बोरा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
20 हजार लीटर प्रतिदिन उत्पादन क्षमता
पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग (AHDD) के अधीन यह दुग्ध परियोजना कई वर्षों से बंद पड़ी थी। असम डेयरी विकास योजना के तहत राज्य सरकार ने इसके पुनरुद्धार एवं आधुनिकीकरण का कार्य ‘नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड’ (NEDFL) को सौंपा, जो असम सरकार और एनडीडीबी का संयुक्त उपक्रम है।
नई अत्याधुनिक मशीनों से सुसज्जित इस संयंत्र की प्रतिदिन उत्पादन क्षमता 20,000 लीटर है। एनडीडीबी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था IDMC लिमिटेड ने दस महीने से भी कम समय में यह कार्य पूरा किया। अधिकारियों ने बताया कि एनडीडीबी के सहयोग के बिना इस स्तर की सुविधा स्थापित करना संभव नहीं था।
‘पूरबी प्लस’ ब्रांड के तहत मिलेगा पैकेटबंद दूध
उद्घाटन के साथ ही शिलचर और आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को अब ‘पूरबी प्लस’ ब्रांड के अंतर्गत स्वच्छ, उच्च गुणवत्ता वाला पैकेटबंद ताजा दूध उपलब्ध होगा। इससे बराक घाटी में लंबे समय से चली आ रही ताजे दूध की कमी दूर होने की उम्मीद है।
डेयरी द्वारा 250 मिली और 500 मिली के पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा। दूध में 4.5 प्रतिशत फैट और 8.5 प्रतिशत एसएनएफ (दूध के ठोस अंश) सुनिश्चित किया गया है। 250 मिली पैक की कीमत 18 रुपये निर्धारित की गई है। इसके साथ ही मिष्ठी दही, सादा दही, लस्सी, पनीर, घी, आइसक्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क, शहद सहित विभिन्न दुग्ध उत्पाद भी बाजार में उपलब्ध होंगे।
किसानों की आय और पोषण सुरक्षा पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कृष्णेंदु पाल ने कहा कि यह परियोजना मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आत्मनिर्भर और किसान-केंद्रित दुग्ध पारिस्थितिकी तंत्र के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने राज्य में प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संतुलित क्षेत्रीय विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री ने कहा कि इस पहल से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं स्वास्थ्यवर्धक दूध मिलेगा, वहीं स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को सुरक्षित खरीद और स्थिर आय का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि दुग्ध व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, विशेषकर महिला उद्यमियों के लिए।
संगठित दुग्ध तंत्र की ओर कदम
बराक घाटी विकास मंत्री कौशिक राय ने अपने संबोधन में कहा कि शिलचर में इस प्रसंस्करण संयंत्र के शुरू होने से क्षेत्र में संगठित दुग्ध संग्रहण प्रणाली को मजबूती मिलेगी। यह पहल एएसआरएलएम/एनआरएलएम के अंतर्गत उत्पादक कंपनियों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगी और किसानों के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर सृजित करेगी।
उन्होंने कहा कि ‘पूरबी डेयरी’ की शुरुआत से बराक घाटी में एक सुदृढ़, व्यवस्थित और गुणवत्ता-आधारित दुग्ध पारिस्थितिकी तंत्र की नींव रखी गई है, जो उपभोक्ताओं और दुग्ध उत्पादकों दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
आज का दिन बराक घाटी के दुग्ध इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल