शिलचर में बीएमएस का विरोध प्रदर्शन: पुरी सम्मेलन के प्रस्तावों को लेकर प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
शिलचर, बुधवार। (बीएमएस) की कछाड़ जिला समिति ने बुधवार को शिलचर स्थित की प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इसके उपरांत जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
यह कार्यक्रम ओडिशा के में 6 से 8 फरवरी को आयोजित बीएमएस के 21वें अखिल भारतीय सम्मेलन में पारित प्रस्तावों के अनुरूप देशव्यापी “प्रतिकार दिवस” के तहत आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष मृगांक भट्टाचार्य के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया और श्रमिक वर्ग की लंबे समय से लंबित मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।
ज्ञापन में कहा गया है कि संगठित और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत लाखों मिड-डे मील, आशा और आंगनवाड़ी कर्मी अत्यंत कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जो उनके श्रम के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा एनटीसी मिल, एचईसी रांची, आईटीआई तथा एचएमटी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के बकाया वेतन के शीघ्र भुगतान की मांग की गई। ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की भी प्रमुख मांग उठाई गई।
बीएमएस ने बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, श्रम कानूनों के सार्वभौमिक और प्रभावी क्रियान्वयन तथा सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की मांग की।
प्रमुख मांगें:
- श्रम कानूनों का कड़ाई से और सार्वभौमिक क्रियान्वयन
- भारतीय श्रम सम्मेलन का शीघ्र आयोजन एवं त्रिपक्षीय समिति का पुनर्गठन
- स्कीम कर्मियों के मानदेय में वृद्धि एवं नियमितीकरण
- ईसीआई-ईपीएफ कवरेज सीमा में विस्तार तथा बोनस अधिनियम में संशोधन
- सार्वजनिक उपक्रमों के श्रमिकों के बकाया वेतन का तत्काल भुगतान
जिला अध्यक्ष मृगांक भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को श्रमिक कल्याण एवं राष्ट्रीय विकास के हित में शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए। ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय श्रम मंत्री तथा असम के मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है।
देशभर में बीएमएस द्वारा आयोजित यह विरोध कार्यक्रम श्रमिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संगठन ने आशा व्यक्त की है कि सरकार श्रमिकों की जायज़ मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करेगी।





















