शिलचर में स्वच्छ वायु पर उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
गुरुचरण विश्वविद्यालय में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग तथा शिलचर म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘निर्मल वायु कार्यक्रम’ के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु शिक्षा एवं संचार विषयक एडवांस ट्रेनिंग एंड एंगेजमेंट गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 1 बजे विश्वविद्यालय के सभागार में अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर निरंजन राय ने कहा कि देश में विशेषकर दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर अत्यंत गंभीर हो चुका है, जिससे कई प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को लेकर पूरा विश्व चिंतित है और विभिन्न देशों के प्रमुख इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पहल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई वैश्विक पहल शुरू की हैं। इनमें ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2028 तक विश्वभर में एक अरब लोगों को पर्यावरण-अनुकूल एवं ‘प्रो-प्लैनेट’ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, असम के पर्यावरण वैज्ञानिक सूर्य गुप्ता बरा ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से वायु प्रदूषण की परिभाषा, उसके प्रकार तथा शिलचर सहित देश के विभिन्न शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञ एवं प्रमुख प्रशिक्षक सोनी कुमारी ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से वायु प्रदूषण के कारण, इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव, भारत में पाए जाने वाले प्रमुख प्रदूषण के प्रकार तथा प्रदूषण के मापन की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि विद्यार्थी समाज में जागरूकता फैलाकर प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने गुरुचरण विश्वविद्यालय द्वारा प्रदूषण नियंत्रण हेतु किए जा रहे प्रयासों, जैसे इको-ब्रिक गतिविधि, वृक्षारोपण अभियान तथा विद्यार्थियों को ‘निर्मल वायु दूत’ के रूप में तैयार करने की पहल की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




















