श्रीराम कथा के दूसरे दिन शबरी प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर


शिलचर, 02 फरवरी: फकीरटीला, एनआईटी के समीप, शिलचर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन भगवान श्रीराम और भक्त शबरी की नवधा भक्ति का मार्मिक प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कथा व्यास काशी से दीक्षित 16 वर्षीय बाल संत श्री रामेश्वरानन्द जी ब्रह्मचारी ने शबरी के निष्काम प्रेम, समर्पण और सच्ची भक्ति की व्याख्या अपने ओजस्वी, सरल एवं पांडित्यपूर्ण वचनों के माध्यम से की। उनकी सजीव कथा शैली ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, कथा के दौरान सहयोगी भजन गायक द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और आध्यात्मिक बना दिया।
इस पावन धार्मिक आयोजन का आयोजन भानुमति चकमा एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। अल्प आयु में गहन आध्यात्मिक ज्ञान और प्रभावशाली वाणी के कारण श्री रामेश्वरानन्द जी ब्रह्मचारी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
गौरतलब है कि 1 फरवरी 2026 को सायं 4 बजे श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ था।
2 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से कथा के दूसरे दिवस का आयोजन किया गया, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया। सायं 6 बजे श्री महाराज जी के द्वारा भगवन्नाम कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। इसके पश्चात सायं 7 बजे से 8 बजे तक भक्तों को श्री महाराज जी से भेंट का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का समापन 3 फरवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से आयोजित विश्वशांति गीता यज्ञ, संत सम्मेलन एवं प्रवचन के साथ होगा, जिसमें संत-महात्मा अपने आध्यात्मिक विचार प्रस्तुत करेंगे। इसी दिन दोपहर में साधु भंडारा का आयोजन भी किया गया है। साथ ही आयोजन के अंत में विश्व शांति गीता यज्ञ संपन्न होगा।
आयोजकों ने क्षेत्रवासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आध्यात्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त करें।





















