सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी पर गुरूचरण विश्वविद्यालय में विशेष परिचर्चा आयोजित
सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में गुरूचरण विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग एवं आईक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के सभागार में “The Life and Music of Sudhakantha Bhupen Hazarika: A Close Look” विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध कलाकार एवं सांस्कृतिक व्यक्तित्व श्रीमती मनीषा हजारिका उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में गुरूचरण विश्वविद्यालय के शैक्षणिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ, वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव भट्टाचार्य, आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. कृष्ण चंद्र दास शामिल थे। इसके अलावा शिलचर टाइम्स की मुख्य संपादिका स्वर्णाली चौधुरी, सहयोगी अध्यापक डॉ. चंदन पाल चौधुरी, योगेश्वर बर्मन सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। स्वागत भाषण गुरूचरण विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग के प्राध्यापक अर्जुन चौधुरी ने प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमती मनीषा हजारिका, सुधाकंठ भूपेन हजारिका की शिष्या एवं भाभी हैं तथा दिवंगत प्रख्यात गायक जयंत हजारिका की धर्मपत्नी हैं।
अपने वक्तव्य में श्रीमती मनीषा हजारिका ने “सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका का जीवन और संगीत: एक गहन दृष्टि” विषय पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन, संगीत साधना, मानवतावादी दर्शन तथा समाज परिवर्तन में उनकी रचनाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने भूपेन हजारिका और जयंत हजारिका के कुछ लोकप्रिय गीतों की झलक प्रस्तुत की तथा असमिया एवं बंगाली लोकगीतों का मनमोहक गायन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के गुरूचरण विश्वविद्यालय इकाई की ओर से श्रीमती मनीषा हजारिका को पुष्पगुच्छ एवं पारंपरिक उत्तरीय भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए समाज की एकता एवं अखंडता की रक्षा हेतु सार्थक और मूल्यनिष्ठ जीवन जीने का आह्वान किया।




















