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सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को आर्थिक आधार पर किये जाने संबंधी याचिका पर केंद्र ने मांगा समय 

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सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को आर्थिक आधार पर किये जाने संबंधी याचिका पर केंद्र ने मांगा समय 
रीना एन सिंह की याचिका पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से लिया समय
(शीतल निर्भीक ब्यूरो)
नई दिल्ली।पिछड़ा व दलित वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण में प्राथमिकता दिए जाने संबंधित याचिका पर याचिका करने वाली अधिवक्ता रीना एन सिंह ने बताया कि  केंद्र सरकार ने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है।
 15 जनवरी बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान उसने चार सप्ताह का समय फिर  से मांगा है। इसके पहले ही केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल कर देना था लेकिन उसने एक बार फिर से चार सप्ताह का समय मांगा है।
मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े और दलित अभ्यर्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में
अगस्त में  ही आरक्षण का आधार आर्थिक किये जाने संबंधी एक जनहित याचिका दाखिल की थी जिसमें जाय माल्या बागची एवं वर्तमान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए कहा था लेकिन आज की सुनवाई के दौरान फिर केंद्र सरकार ने एक महीने का समय मांगा है। एक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह ने कहा कि आरक्षण के चल रहे वर्तमान प्रावधान या प्रतिशत को उन्होंने चुनौती नहीं दी है उन्होंने सिर्फ और सिर्फ पिछड़ा वर्ग व दलित वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की तरफ से यह मांग की है कि आरक्षण देते समय सबसे पहले उनका ध्यान में रखा जाए जिनकी स्थिति आर्थिक रूप से कमजोर है।

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