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हास्य व्यंग्य
नेता जी का गृहप्रवेश
गाँव मे सेठ जी बनाए भव्य महल
भव्यता देख लोग कहने लगे शीशमहल॥
सेठ जी शुभ मुहूर्त देख रखा महल का गृहप्रवेश
उस दिन वैदिक मंत्रोच्चारण से गुंजयमान हुआ परिवेश॥
सेठ जी के द्वार पर लगा आम-खास लोगों का तांता
निमंत्रण पाकर अपने अनुज संग पहुंचे नेता॥
अनुज बोला महल तो है पसंदीदा
पर, दरवाजा है छोटा इससे नही निकल पाएगा एक मुर्दा॥
शुभ दिन मे अशुभ बातें सुन सेठ जी हुए नाराज
तुरंत शिकायत के तौर पर नेता जी को लगाया आवाज॥
नेता जी अनुज का कान पकड़ कर बोला, क्यो तोड़ा मर्यादा
तुझे समझ नही
इस दरवाजे से आसानी से निकल पाएगा एक साथ, चार – चार मुर्दा॥
पवन कुमार शर्मा





















