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अविनाश साबले ने फाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, ओलंपिक चैंपियन भी पीछे छूटा

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पेरिस। पेरिस ओलंपिक के 10 दिन पूरे हो गए हैं और भारत के लिए अभी भी चौथे मेडल की तलाश जारी है. सोमवार 5 अगस्त को भारत के पास 2 मेडल जीतने के मौके थे लेकिन ऐसा हो नहीं सका और इस तरह ये इंतजार कुछ और दिन के लिए बढ़ गया है. सोमवार को भारतीय खिलाड़ियों ने बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शूटिंग, सेलिंग, रेसलिंग और एथलेटिक्स में हिस्सा लिया, जिसमें 2 में मेडल जीतने और एक में मेडल पक्का करने का चांस था. सबसे ज्यादा नजरें लक्ष्य सेन पर थीं, जो ब्रॉन्ज मेडल जीतने के इरादे से उतरे थे लेकिन वो नाकाम रहे. हालांकि भारत के अविनाश साबले ने 3000 मीटर स्टीपल चेज के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया.

वैसे तो ये भारत के लिहाज से दिन का आखिरी इवेंट था लेकिन सबसे बड़ी सफलता भी इसमें ही आई. भारत की उम्मीद और नेशनल रिकॉर्ड होल्डर अविनाश साबले ने उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन किया और 3000 मीटर स्टीपल चेज के फाइनल में जगह बना ली. उन्होंने अपनी हीट 8:15.43 मिनट में पूरी की और पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया. वो इस इवेंट के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष और कुल दूसरे एथलीट बन गए हैं. उनसे पहले रियो 2016 में महिलाओं में ललिता बाबर ने क्वालिफाई किया था.

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