फॉलो करें

“नवोदय विद्यालय धुबड़ी में हुआ बाल दिवस व राष्ट्रीय पुस्तक सप्ताह का आयोजन”

198 Views

ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की प्रतिभा को तराशने व उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय धुबड़ी में कल 14 नवम्बर को भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया गया और इसी के साथ रास्ट्रीय पुस्तक सप्ताह का भी शुभारम्भ किया गया | कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य श्री बी आर शर्मा के करकमलों से दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया | पंडित नेहरु के चित्र पर माल्यार्पण करने के पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमें अपने अन्दर के बचपन को हमेशा बचा के रखना चाहिए | लेकिन यह तभी संभव है जब हम अपने भीतर मासूमियत और ईमानदारी जैसे गुणों को धारण करेंगे | उन्होंने आगे कहा कि पंडित नेहरु ने विकसित भारत का सपना देखा था और उनका मानना था कि आज के बच्चे ही भावी भारत के कर्णधार हैं | यही नहीं, बच्चे नहेरु जी को बहुत प्रिय थे | इसीलिए उन्होंने अपना जन्मदिन बच्चों के लिए समर्पित कर दिया था |

इसी कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में रास्ट्रीय पुस्तक सप्ताह की भी शुरुआत की गयी | 14 नवम्बर से 20 नवम्बर तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान कई गतिविधियों के आयोजन की योजना है | ताकि बच्चों में पढ़ ने-लिखने को लेकर एक सकारात्मक रुख विकसित हो सके | इस कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित रहे | कार्यक्रम का संचालन डॉ जीतेन्द्र प्रताप यादव ने किया |

 

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

इंडियन आर्मी ने तिनसुकिया में नव रूपांतर चिल्ड्रन होम के बच्चों के साथ होली मनाई तिनसुकिया: 03 मार्च 2026 को, रेड शील्ड गनर्स ने, स्पीयर कॉर्प्स के अंडर, असम के रूपाई में चिल्ड्रन होम को चमकीले रंगों और दिल को छू लेने वाली मुस्कान से भर दिया, क्योंकि उन्होंने अपनी लगातार कम्युनिटी आउटरीच पहल के तहत वहां रहने वाले बच्चों के साथ रंगों का त्योहार मनाया। जब सैनिक और बच्चे एक साथ आए और न केवल रंगों और मिठाइयों से, बल्कि सच्चे प्यार और हंसी-मजाक से भी होली मनाई, तो “अनाथालय में खुशियों के रंग भर गए”। 8 से 17 साल के कुल 20 बच्चों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया, उनके उत्साह से पूरा परिसर जगमगा उठा। रंगों के बिखरने के साथ होली शुरू हुई, जो जल्द ही बेफिक्र मस्ती और खुशी भरी बातचीत के पलों में बदल गई। आर्मी के जवानों ने बच्चों के साथ अच्छा समय बिताया—खेलते हुए, बातें करते हुए, हिम्मत बढ़ाते हुए और सुनते हुए—यह पक्का करते हुए कि हर बच्चे को अहमियत महसूस हो और उसे अपनाया जा रहा हो। यह त्योहार प्यार और अपनेपन का प्रतीक बन गया, जहाँ यूनिफॉर्म चमकीले रंगों के साथ मिल जाती थी और दिल बिना किसी रुकावट के जुड़ जाते थे। बातचीत के दौरान, होली के एकता, उम्मीद और पॉजिटिविटी के त्योहार के महत्व को शेयर किया गया, जिससे मेलजोल और साथ रहने की वैल्यूज़ को मज़बूती मिली। सभी को मिठाइयाँ बाँटी गईं, जिससे दिन में मिठास आई और इंडियन आर्मी और लोकल कम्युनिटी के बीच का रिश्ता और मज़बूत हुआ। बच्चों की मुस्कान, हँसी और चमकते चेहरों ने होली का असली मतलब दिखाया—प्यार फैलाना, खुशियाँ बाँटना और एक बड़े परिवार की तरह साथ खड़े होना। इस पहल ने कम्युनिटी वेलफेयर, युवाओं से जुड़ाव और असम के लोगों के साथ भरोसे के रिश्ते को मज़बूत करने के लिए इंडियन आर्मी के पक्के कमिटमेंट को फिर से पक्का किया।

Read More »

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल