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लखीपुर के पूर्व विधायक राजदीप ग्वाला ने 83वें बरम बाबा मेला उद्घाटन समारोह में की बराक घाटी के श्रमिक समाज के कल्याण की प्रार्थना

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शिव कुमार शिलचर 14 नवंबर: आज बराक घाटी के श्रमिक समुदाय के पारंपरिक और धार्मिक उत्सव, 83वें बरम बाबा मेले का उद्घाटन समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर लखीपुर के पूर्व विधायक राजदीप ग्वाला ने उपस्थित समुदाय और श्रमिक समाज के हितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। राजदीप ग्वाला ने बरम बाबा से विशेष प्रार्थना की कि बराक घाटी के सभी श्रमिक समाज के लोग खुशहाल रहें, उन्हें शांति मिले, और उनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे।राजदीप ग्वाला ने इस अवसर पर कहा,यह मेला बराक घाटी के चाय बागानों से जुड़े श्रमिक समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। हर साल यहाँ बड़ी संख्या में श्रमिक समाज के लोग एकत्र होते हैं और बरम बाबा से अपनी जीवन यात्रा में सुख और समृद्धि की कामना करते हैं। इस मेला में आकर समाज के लोग पूजा और प्रार्थना करते हैं, जिससे न केवल उनका विश्वास मज़बूत होता है, बल्कि उनके मनोबल में भी वृद्धि होती है। पूर्व विधायक ग्वाला ने अपने संबोधन में उन सभी व्यक्तियों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस मेले के आयोजन में योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि परम बाबा मेला श्रमिक समाज के उत्सव का प्रतीक है, जिसमें सभी लोग मिलकर अपने धार्मिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत बनाते हैं।उन्होंने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हेमंत विश्व शर्मा का भी विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने चाय बागानों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ग्वाला ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल से हर चाय बागान में जगन्नाथ मांडव और स्किल सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे श्रमिकों को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसी का हिस्सा अब शिलकुरी चाय बागान में बरम बाबा मेला प्रांगण में भी स्थापित होगा, जिसका श्रमिक समाज को विशेष लाभ मिलेगा।उन्होंने यह भी बताया कि “पौशिक राईज रिव्यु” के सहयोग से इस पहल को समर्थन मिला है, जिससे इस क्षेत्र में कौशल विकास और सामाजिक उत्थान के प्रयासों को गति मिली है। इस कदम से न केवल श्रमिक समाज की आजीविका में सुधार होगा, बल्कि उनकी जीवनशैली भी बेहतर होगी।समारोह में राजदीप ग्वाला ने अपने संबोधन को संक्षिप्त रखते हुए यह अपील भी की कि जनप्रतिनिधि समाज के कल्याण के लिए निरंतर काम करते रहें। इस मेले में शामिल अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए और बराक घाटी के श्रमिक समाज के कल्याण और उन्नति के लिए प्रार्थना की।

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