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नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल कल से दिल्ली में होगा शुरू,  सांस्कृतिक भव्यता और पर्यटन विकास पर रहेगा जोर 

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नई दिल्ली, 14 नवंबर (हि.स.)। नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल का 12वां संस्करण शुक्रवार से शुरू होगा। मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के जीवंत उत्सव को देखने को मिलेगा। 15 से 17 नवंबर तक तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में क्षेत्र के अद्वितीय संगीत, भोजन, नृत्य, फैशन और कला के माध्यम से लोगों को एक अद्भुत यात्रा का अवलोकन करने का मौका मिलेगा। 300 से अधिक स्टॉल, लाइव प्रदर्शन, पारंपरिक शिल्प और पारंपरिक भोजन के साथ पूर्वोत्तर भारत के विरासत को राजधानी दिल्ली के लोगों तक पहुंचेगा।पूर्वोत्तर भारत को व्यापक पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने में उत्सव की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल के आयोजक श्यामकनु महंत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल एक बहुआयामी मंच के रूप में विकसित हुआ है। यह न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि का जश्न मनाता है बल्कि व्यापार और पर्यटन विकास के वास्तविक अवसरों को भी प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष, एक समर्पित पर्यटन बिजनेस मीट के साथ, हम पर्यटन में विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के शीर्ष टूर ऑपरेटरों को प्रमुख पूर्वोत्तर हितधारकों के साथ जोड़ रहे हैं। बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में पर्याप्त प्रगति का प्रदर्शन करके, हमारा लक्ष्य यह प्रदर्शित करना है कि पूर्वोत्तर अधिक सुलभ है और आगंतुकों की एक नई लहर का स्वागत करने के लिए तैयार है।उन्होंने बताया कि महोत्सव में प्रसिद्ध संगीतकारों, लोक कलाकारों और नर्तकियों के प्रदर्शन के साथ-साथ पूर्वोत्तर प्रतिभाओं के डिजाइनों पर प्रकाश डालने वाला फैशन खंड भी शामिल होगा। महोत्सव में आने वाले क्षेत्रीय व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इसके लिए 60 खाद्य स्टॉल प्रामाणिक लगाए गए हैं। एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (एडीटीओआई) और इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के प्रमुख उद्योग जगत के लोग इस पहल में शामिल होंगे।

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