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शिलचर के प्रतिष्ठित समाजसेवी उदय शंकर गोस्वामी की एकमात्र कन्या संतान नंदिता के अल्पायु में निधन से शोक की लहर 

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प्रे.स. शिलचर, 3 दिसंबर: आज भोर में 4.12 पर एक स्थानीय नर्सिंग होम में शिलचर के प्रतिष्ठित समाजसेवी उदय शंकर गोस्वामी की एकमात्र कन्या संतान नंदिता के अल्पायु में निधन से शिलचर में शोक की लहर दौड़ गई। घर में गिरकर ब्रेन हेमरेज होने के कारण पिछले 10-12 दिनों से नंदिता (जिसे घर में लोग प्यार से गुड़िया बुलाते थे) की चिकित्सा स्थानी नर्सिंग होम में चल रही थी। चिकित्सकों के सारे प्रयास को व्यर्थ करते हुए आज भोर में नंदिता की आत्मा परमात्मा में विलीन हो गई। अचानक हुए इस कठोर वज्रपात से पूरा परिवार सदमे में है। मिलनसार, व्यवहार कुशल, सामाजिक प्रवृत्ति की नंदिता ऐसे सब को छोड़कर चली जाएगी किसी को विश्वास नहीं हो रहा। वह अपने पीछे पिता उदय शंकर गोस्वामी, दो भाई दीपांकर, रवि, दो भाभी, दो बच्चे और भतीजियों सहित भरा पुरा परिवार छोड़ गयी हैं। उनका अंतिम संस्कार आज ही शिलचर श्मशान घाट में कर दिया गया।
सुबह से ही घर में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। शिलचर के विधायक दीपायन चक्रवर्ती, भाजपा के जिला अध्यक्ष विमलेंदु राय सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने शिलचर श्मशान जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। लखीपुर के विधायक कौशिक राय, विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता शांतनु नायक सहित अनेकों लोगों ने घर में जाकर शोक संवेदना ज्ञापित की। सभी ने मृतआत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। नंदिता के निधन से सबसे बड़ा आघात पिता को लगा है, उन्होंने व्यथित स्वर में कहा बेटी साथ छोड़ कर चली गई। उन्हें कितना गहरा आघात लगा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह फोन में बात करते-करते एक बार वे अचेत होकर गिर पड़ें।

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