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प्रेरणा प्रतिवेदन लखीपुर, 19 दिसंबर: असम में पत्रकारों पर हुए अत्याचार के खिलाफ आवाजें बुलंद हो रही हैं। बुधवार को दिशपुर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजभवन चलो अभियान के दौरान समाचार कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिससे कई पत्रकार घायल हो गए। इस घटना की व्यापक निंदा हो रही है।
आज लखीपुर के पूर्व कछाड़ प्रेस क्लब ने अन्य पत्रकार संगठनों के साथ मिलकर इस घटना के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने काला बिल्ला लगाकर लखीपुर उप-जिला कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और असम पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार की कड़ी आलोचना की।
प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों को कड़ी सजा देने का आग्रह किया। क्लब के अध्यक्ष कबीर अहमद लश्कर ने कहा, “पुलिस का यह कृत्य न केवल लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है, बल्कि मानवाधिकारों का भी घोर उल्लंघन है।”
प्रदर्शन में क्लब के संपादक पुलक दास, अमर दास, शहादत अली बड़भुइया, चंद्रनारायण सिंह, और दीपिका मल्लिक सहित अन्य पत्रकार भी शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि पत्रकारों को निशाना बनाना बंद नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस घटना ने राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार संगठनों ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों को दंडित करने की मांग की है।




















