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बनारस स्टेशन पर छूटा बैग वापस पाकर महिला यात्री ने रेल कर्मियों की ईमानदारी की सराहना 

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(शीतल निर्भीक ब्यूरो) 
वाराणसी। नई दिल्ली से बनारस शिवगंगा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12560) में यात्रा कर रहीं 20 वर्षीय अनुपमा ने बुधवार को अपना छूटा हुआ बैग वापस पाकर रेलवे कर्मियों की ईमानदारी और त्वरित कार्यवाही की सराहना की। अनुपमा ने 17 मार्च को नई दिल्ली से अपनी यात्रा शुरू की और 18 मार्च की सुबह बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 08 पर उतरीं। हड़बड़ी में वह अपना पिठ्ठू बैग कोच में ही छोड़कर स्टेशन से बाहर निकल गईं।
जब उन्हें याद आया कि उनका बैग कोच में छूट गया है, तो उन्होंने तुरंत रेलवे अधिकारियों को सूचित किया। कोच अटेंडेंट सुपरवाइजर रोहित कुमार ने इसकी जानकारी बेडरोल इंचार्ज प्रदीप कुमार गुप्ता (जूनियर इंजीनियर/बेडरोल/बनारस) को दी। साथ ही, बनारस कोचिंग डिपो अधिकारी श्री विनीत रंजन को भी इस घटना की सूचना दी गई।
कोचिंग डिपो अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए B1 कोच अटेंडेंट मो. हसनैन से संपर्क किया और कोच में बैग को खोजा गया। बैग सुरक्षित मिलने के बाद इसे अनुपमा को वापस सौंप दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में रेलवे कर्मियों की ईमानदारी और त्वरित कार्यवाही ने अनुपमा का विश्वास जीत लिया।
मंडल रेल प्रबंधक श्री विनीत कुमार श्रीवास्तव ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए रेलवे कर्मियों की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्यवाही की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं रेलवे कर्मियों के प्रति यात्रियों के विश्वास को मजबूत करती हैं।
अनुपमा ने रेलवे कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “मैं बनारस स्टेशन के रेलवे कर्मियों की ईमानदारी और मेहनत से बहुत प्रभावित हूं। उनकी त्वरित कार्यवाही के कारण मुझे मेरा बैग वापस मिल गया। मैं उनकी टीम का आभार व्यक्त करती हूं।”
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रेलवे कर्मी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के प्रति हमेशा सजग रहते हैं। ऐसे प्रयासों से यात्रियों का विश्वास और मजबूत होता है और रेलवे की छवि एक जिम्मेदार संस्था के रूप में उभरती है। इस आशय की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने मीडिया को दी।

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