फॉलो करें

छठीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने किया “शांति और मित्रता की सवारी” का स्वागत, पशु चिकित्सा शिविर में पशुधन को मिली निःशुल्क सेवाएँ

383 Views

 

कोकराझार, 18 मार्च – छठीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने “शांति और मित्रता की सवारी” अभियान के तहत साइकिल यात्रियों पर्वतारोही गुरु सबिता महंत और श्री शुभम पारकी का विस्मुरी, कोकराझार में हार्दिक स्वागत किया। दोनों साइकिल यात्रियों को फूल-मालाओं से सम्मानित किया गया और उनकी साहसिक यात्रा को सराहा गया।

इस अभियान का उद्देश्य देश की सीमाओं पर जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने जुनून के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित करना है। यात्रियों ने बताया कि यह यात्रा एक रिकार्ड अटेम्प्ट भी है, जिसमें वे कच्छ, गुजरात से नेपाल, भूटान होते हुए मिजोरम तक लगभग 8000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। इसके बाद, यह यात्रा 15वीं वाहिनी SSB कजालीगांव की ओर रवाना हुई।

पशु चिकित्सा शिविर में मिला निःशुल्क उपचार

इसी दौरान, SSB के पशु चिकित्सा अधिकारियों के नेतृत्व में सोनापुर के देवलगुड़ी में एक निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में सीमा फर्म सोनापुर क्षेत्र के पशुधन को चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की गईं।

शिविर के दौरान कुल 25 पशुओं का उपचार किया गया और उन्हें आवश्यक दवाएँ वितरित की गईं। स्थानीय पशुपालकों ने इस पहल की सराहना की और सशस्त्र सीमा बल को धन्यवाद दिया।

यह कार्यक्रम न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों और सुरक्षाबलों के बीच संबंधों को मजबूत करने का माध्यम बना, बल्कि पशुधन की देखभाल के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

इंडियन आर्मी ने तिनसुकिया में नव रूपांतर चिल्ड्रन होम के बच्चों के साथ होली मनाई तिनसुकिया: 03 मार्च 2026 को, रेड शील्ड गनर्स ने, स्पीयर कॉर्प्स के अंडर, असम के रूपाई में चिल्ड्रन होम को चमकीले रंगों और दिल को छू लेने वाली मुस्कान से भर दिया, क्योंकि उन्होंने अपनी लगातार कम्युनिटी आउटरीच पहल के तहत वहां रहने वाले बच्चों के साथ रंगों का त्योहार मनाया। जब सैनिक और बच्चे एक साथ आए और न केवल रंगों और मिठाइयों से, बल्कि सच्चे प्यार और हंसी-मजाक से भी होली मनाई, तो “अनाथालय में खुशियों के रंग भर गए”। 8 से 17 साल के कुल 20 बच्चों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया, उनके उत्साह से पूरा परिसर जगमगा उठा। रंगों के बिखरने के साथ होली शुरू हुई, जो जल्द ही बेफिक्र मस्ती और खुशी भरी बातचीत के पलों में बदल गई। आर्मी के जवानों ने बच्चों के साथ अच्छा समय बिताया—खेलते हुए, बातें करते हुए, हिम्मत बढ़ाते हुए और सुनते हुए—यह पक्का करते हुए कि हर बच्चे को अहमियत महसूस हो और उसे अपनाया जा रहा हो। यह त्योहार प्यार और अपनेपन का प्रतीक बन गया, जहाँ यूनिफॉर्म चमकीले रंगों के साथ मिल जाती थी और दिल बिना किसी रुकावट के जुड़ जाते थे। बातचीत के दौरान, होली के एकता, उम्मीद और पॉजिटिविटी के त्योहार के महत्व को शेयर किया गया, जिससे मेलजोल और साथ रहने की वैल्यूज़ को मज़बूती मिली। सभी को मिठाइयाँ बाँटी गईं, जिससे दिन में मिठास आई और इंडियन आर्मी और लोकल कम्युनिटी के बीच का रिश्ता और मज़बूत हुआ। बच्चों की मुस्कान, हँसी और चमकते चेहरों ने होली का असली मतलब दिखाया—प्यार फैलाना, खुशियाँ बाँटना और एक बड़े परिवार की तरह साथ खड़े होना। इस पहल ने कम्युनिटी वेलफेयर, युवाओं से जुड़ाव और असम के लोगों के साथ भरोसे के रिश्ते को मज़बूत करने के लिए इंडियन आर्मी के पक्के कमिटमेंट को फिर से पक्का किया।

Read More »

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल