फॉलो करें

अयोध्या: राम नगरी में जमीन खरीदना आसान नहीं, सरकार का एक फैसला और 8 साल बाद बढे इतने प्रॉपर्टी के रेट

469 Views

अयोध्या. भगवान राम की नगरी अयोध्या धाम में जमीन की कीमतें आसमान छूने जा रही हैं. कहा जा रहा है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के बाद 8 साल में पहली बार यहां सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई है. शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सर्किल रेट में बढ़ोतरी वहां की जमीन की कीमतों के हिसाब से की गई है. राम मंदिर के निर्माण के बाद देखा जा रहा है कि अयोध्या में दूर-दूर से आकर लोग जमीन खरीद रहे हैं.

अयोध्या विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार, जब से यहां राम मंदिर का उद्घाटन हुआ उसके बाद से जमीनों की मांग में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. इसके साथ की जमीन की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है. अब करीब 8 साल बाद यहां सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई है. एक साथ 200 प्रतिशत सर्किल रेट बढ़ाए गए हैं.

नए सर्किल रेट हो गए हैं लागू

सर्किल रेट अलग-अलग इलाकों में भिन्न हैं. अयोध्या में नए सर्किल रेट बीते शनिवार से ही सरकार की ओर से लागू कर दिए गए हैं. अब जो भी लोग यहां जमीनों की रजिस्ट्री कराएंगे वो नए सर्किल रेट के आधार पर ही होगी. जिलाधिकारी (अयोध्या) निखिल फुंडे ने ने बताया, हमने अगस्त 2023 में जारी किए गए प्रस्ताव पर प्राप्त आपत्तियों पर विचार किया. इसके बाद सर्किल रेट में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

क्या होता है सर्किल रेट?

सर्किल रेट में बढ़ोतरी को लेकर फुंडे ने कहा कि जनता की मांग मुख्य रूप से यह थी कि कई क्षेत्रों में हमारी प्रस्तावित दरों से भी ज्यादा बढ़ोतरी की जाए, लेकिन यह फैसला बाजार दरों और हमारे द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर लिया गया है. बता दें कि सर्किल रेट किसी जिले में प्रशासन द्वारा तय की गई जमीन की मूल्यांकन दर होती है, जिसके आधार पर बिक्री या खरीद पर स्टांप ड्यूटी तय होती है और प्रशासन जमीनों का अधिग्रहण करता है.

अयोध्या में कहां पर है सबसे महंगी प्रॉपर्टी

अयोध्या उत्तर प्रदेश के उन 54 जिलों में शामिल है, जहां सर्किल रेट आखिरी बार 2017 में संशोधित हुए थे. साल 2023 में 21 जिलों में सर्किल रेट संशोधित किया गया था. अयोध्या के आसपास के जिलों जैसे-बाराबंकी, अम्बेडकर नगर, गोंडा, बस्ती और सुल्तानपुर में भी सर्किल रेट में बदलाव हुआ है. अयोध्या में सर्किल रेट में सबसे अधिक वृद्धि उन क्षेत्रों में हुई है, जो राम जन्मभूमि के आसपास स्थित हैं. यहां सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जमीन की बाजार कीमतों में कई गुना वृद्धि हुई है.

इन इलाकों में भी बढ़ा रेट

सबसे अधिक 200 प्रतिशत की वृद्धि तिहुरा मांझा जैसे गांवों में हुई है. यहां अगस्त 2017 में कृषि भूमि का सर्किल रेट 11 लाख से 23 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर था. अब बढ़कर 33 लाख से 69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गया है. इसी गांव में रियल एस्टेट कंपनी अरबिंदम लोढ़ा ने और अभिनेता अमिताभ बच्चन ने जमीनें खरीदी हैं. तिहुरा उपरहार में भी सर्किल रेट 32-71 लाख से बढ़कर 42-95 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गया है. शहनवाज़पुर मांझा में सर्किल रेट 75-169 लाख रुपये से बढ़कर 98-221 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गया है. बरहटा मांझा में सर्किल रेट 75-169 लाख रुपये से बढ़कर 98-221 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गया है.

अयोध्या में बनेगी टाउनशिप

गंजा गांव जहां एयरपोर्ट स्थित है, पुराना रेट 28 से 64 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर था, जो अब 35 से 80 लाख रुपये हो गया है. उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने अयोध्या में लगभग 1,800 एकड़ में टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव दिया है. इसके लिए मार्च 2024 तक शहनवाजपुर मांझा, बरहटा मांझा और तिहुरा मांझा गांवों में करीब 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है. हालांकि, कुछ किसानों का कहना है कि सर्किल रेट में बढ़ोतरी उनकी अपेक्षाओं के अनुसार नहीं हुई है. किसानों का कहना है कि राम जन्मभूमि से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में हर गांव में कम से कम 200 प्रतिशत की वृद्धि होनी चाहिए थी.

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

इंडियन आर्मी ने तिनसुकिया में नव रूपांतर चिल्ड्रन होम के बच्चों के साथ होली मनाई तिनसुकिया: 03 मार्च 2026 को, रेड शील्ड गनर्स ने, स्पीयर कॉर्प्स के अंडर, असम के रूपाई में चिल्ड्रन होम को चमकीले रंगों और दिल को छू लेने वाली मुस्कान से भर दिया, क्योंकि उन्होंने अपनी लगातार कम्युनिटी आउटरीच पहल के तहत वहां रहने वाले बच्चों के साथ रंगों का त्योहार मनाया। जब सैनिक और बच्चे एक साथ आए और न केवल रंगों और मिठाइयों से, बल्कि सच्चे प्यार और हंसी-मजाक से भी होली मनाई, तो “अनाथालय में खुशियों के रंग भर गए”। 8 से 17 साल के कुल 20 बच्चों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया, उनके उत्साह से पूरा परिसर जगमगा उठा। रंगों के बिखरने के साथ होली शुरू हुई, जो जल्द ही बेफिक्र मस्ती और खुशी भरी बातचीत के पलों में बदल गई। आर्मी के जवानों ने बच्चों के साथ अच्छा समय बिताया—खेलते हुए, बातें करते हुए, हिम्मत बढ़ाते हुए और सुनते हुए—यह पक्का करते हुए कि हर बच्चे को अहमियत महसूस हो और उसे अपनाया जा रहा हो। यह त्योहार प्यार और अपनेपन का प्रतीक बन गया, जहाँ यूनिफॉर्म चमकीले रंगों के साथ मिल जाती थी और दिल बिना किसी रुकावट के जुड़ जाते थे। बातचीत के दौरान, होली के एकता, उम्मीद और पॉजिटिविटी के त्योहार के महत्व को शेयर किया गया, जिससे मेलजोल और साथ रहने की वैल्यूज़ को मज़बूती मिली। सभी को मिठाइयाँ बाँटी गईं, जिससे दिन में मिठास आई और इंडियन आर्मी और लोकल कम्युनिटी के बीच का रिश्ता और मज़बूत हुआ। बच्चों की मुस्कान, हँसी और चमकते चेहरों ने होली का असली मतलब दिखाया—प्यार फैलाना, खुशियाँ बाँटना और एक बड़े परिवार की तरह साथ खड़े होना। इस पहल ने कम्युनिटी वेलफेयर, युवाओं से जुड़ाव और असम के लोगों के साथ भरोसे के रिश्ते को मज़बूत करने के लिए इंडियन आर्मी के पक्के कमिटमेंट को फिर से पक्का किया।

Read More »

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल