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हंसना मना है सच्ची घटना (अनुवाद)

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एक ट्रक रात के समय शव लेकर शिलॉंग से शिलचर जा रहा था। रास्ते में ड्राइवर और हेल्पर को चाय पीने की तलब लगी।
तो उन्होंने ट्रक को सड़क के किनारे रोका और दोनों पास की दुकान पर चाय पीने उतर गए।
वो लोग दुकान में बैठकर चाय पी रहे थे।
उधर, एक आदमी जो शिलॉंग से शिलचर जाने के लिए घर से निकला था, काफी देर रात तक सड़क किनारे गाड़ी का इंतज़ार करता रहा।
लेकिन जब कोई गाड़ी नहीं मिली, तो थक कर वह सड़क किनारे बैठ गया।
इत्तेफाक से उसे वो ट्रक दिखा।
सोचा, ड्राइवर और हेल्पर तो दिखाई नहीं दे रहे, खाली गाड़ी है — तो चुपचाप चढ़ जाता हूँ।
जैसा सोचा, वैसा ही किया — वह ट्रक में चढ़ गया और अंधेरे के कारण शवों के ऊपर जाकर बैठ गया।
उसे कुछ दिखाई नहीं दिया क्योंकि ट्रक के अंदर घना अंधेरा था।
इधर ड्राइवर और हेल्पर चाय पीकर वापस आए और ट्रक चलाने लगे।
कुछ समय बाद ट्रक में बैठे उस आदमी ने एक सिगरेट जलाई और बड़े आराम से धुआं उड़ाने लगा।
तभी हेल्पर की नज़र पीछे पड़ी, तो उसने देखा कि पीछे जो शव था वो बैठा हुआ सिगरेट पी रहा है!
हेल्पर डर के मारे कांपते हुए बोला:
हेल्पर: ओस्ताद, ज़रा गाड़ी रोकिए!
ड्राइवर: क्यों?
हेल्पर: पीछे देखिए… लाश बैठी हुई है और सिगरेट पी रही है!
ड्राइवर: अबे ओ पगले, ये कैसे हो सकता है?
हेल्पर: आप खुद देख लीजिए ना!
अब दोनों (ड्राइवर और हेल्पर) ट्रक से नीचे उतरे और पीछे जाकर देखने लगे कि माजरा क्या है?
पीछे जो आदमी बैठा था वो आराम से सिगरेट पीते हुए बोला:
“क्या हुआ भाई, गाड़ी क्यों रोक दी?”
ये सुनते ही ड्राइवर बोला — “अब तो काम तमाम है!”
और दोनों मिलकर बिना पीछे देखे भाग खड़े हुए।
उन दोनों को इस तरह दौड़ते देखकर उस आदमी ने सोचा —
“लगता है कुछ गड़बड़ हो गया है, वरना ये लोग ऐसे क्यों भाग रहे हैं!”
तो उसने भी उनके पीछे दौड़ लगा दी।
पीछे मुड़कर देखने पर हेल्पर चिल्लाया:
“ओस्ताद! अब तो हम गए काम से, लाश भी हमारे पीछे दौड़ रही है! जल्दी भागिए, जान बचाइए!”
अब बताइए… दिल से कब के बाद इतनी जोर से हँसे?
पढ़ने के बाद धन्यवाद कहना मत भूलिएगा! 😂
(साभार: फेसबुक पेज)

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