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सरस्वती विद्यानिकेतन, मानुग्राम द्वारा शिक्षा का एक अभिनव प्रयास
दिनांक: शनिवार, 27 दिसंबर 2025
शिक्षा का दायरा केवल कक्षा और विद्यालय भवन तक सीमित नहीं होता। परिवेश से मिलने वाली अनुभूतियाँ भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खुले वातावरण में बच्चे न केवल स्वच्छंद रूप से खेलते हैं, बल्कि कला और रचनात्मकता के प्रति उनका रुझान भी और अधिक निखरता है।
इसी सोच को साकार करते हुए सरस्वती विद्यानिकेतन, मानुग्राम के संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. विश्वजीत पुरकायस्थ ने शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय और अभिनव पहल की। विद्यालय की षष्ठ कक्षा के चित्रकला में रुचि रखने वाले कुछ विद्यार्थियों को लेकर शिलचर रेलवे स्टेशन का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।
इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने स्टेशन के जीवंत वातावरण, गतिविधियों और दृश्यों को अत्यंत उत्साह और एकाग्रता के साथ अपने कैनवास पर उकेरा। खुले वातावरण में चित्रांकन करने का यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और स्मरणीय रहा।
इस रचनात्मक शैक्षणिक यात्रा में विद्यालय की आचार्याएँ सुमिता देव, अपर्णा पाल, झुमकी देव, पूजा आचार्य तथा पियाली दास विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहीं और उनका मार्गदर्शन किया।
यह पहल न केवल बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को निखारने में सहायक सिद्ध हुई, बल्कि उन्हें व्यावहारिक एवं परिवेश-आधारित शिक्षा से जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बनी।





















