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गोपीमोहन मुखर्जी की 103वीं जयंती के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं स्मारक व्याख्यान आयोजित
हीरक बनिक, रामकृष्णनगर, 1 जनवरी:
श्रीभूमि ज़िले के अनिपुर क्षेत्र में बुधवार अपराह्न विष्णुप्रिया मणिपुरी साहित्य-संस्कृति अकादमी के तत्वावधान में स्वतंत्रता सेनानी, चन्नीघाट मॉडल एम.ई. स्कूल एवं चन्नीघाट हाई स्कूल के संस्थापक प्रधानाध्यापक, बराक घाटी में बंगला भाषा आंदोलन तथा विष्णुप्रिया मणिपुरी भाषा आंदोलन के अग्रणी सेनानी, अखिल विष्णुप्रिया मणिपुरी महासभा के पूर्व महासचिव व अध्यक्ष, कवि-साहित्यकार एवं समाजचिंतक गोपीमोहन मुखर्जी की 103वीं जयंती के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं स्मारक व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ में अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, मुख्य वक्ता एवं आमंत्रित वक्ताओं का पारंपरिक स्वागत किया गया। सभा में गोपीमोहन मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलन मुख्य अतिथि, वर्ष 2025 के असम राज्य साहित्य पुरस्कार से सम्मानित कवि-साहित्यकार सुभाषचंद्र सिंह द्वारा किया गया। इसके पश्चात विनता मुखर्जी ने नवग्रह स्तोत्रम् का पाठ किया तथा उद्घाटन संगीत का प्रस्तुतीकरण गायिका साधना सिंह ने किया।
विष्णुप्रिया मणिपुरी भाषा में मुद्रित प्रथम काव्य संग्रह गोपी मुखर्जी की ‘एबाकोर एला’ के प्रकाशन के सात दशक पूरे होने तथा उसके पश्चात के साहित्यिक कालखंड पर कवि-साहित्यकार सुभाषचंद्र सिंह ने विस्तार से चर्चा की। गोपी मुखर्जी स्मारक व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में शिलचर राधामाधव कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रभात कुमार सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में अखिल विष्णुप्रिया मणिपुरी महासभा के ऐतिहासिक चतुर्दश आंदूरगांग अधिवेशन के 70 वर्ष एवं उसमें गोपी मुखर्जी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्हें महासभा का शिल्पकार बताया।
रंजीत सिंह के पौरोहित्य में आयोजित इस सभा में चन्नीघाट हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक देबाशीष सेनगुप्ता, सी.वी.पी. हायर सेकेंडरी स्कूल के वर्तमान प्राचार्य देबाशीष सिंह, अखिल विष्णुप्रिया मणिपुरी साहित्य परिषद केंद्रीय समिति के महासचिव लालमोहन सिंह, महासभा के सिंगला आंचलिक समिति के पूर्व सचिव सुबलचंद्र सिंह, दुल्लभछड़ा जिला परिषद सदस्य प्रणब मुखर्जी, राजमोहन सिंह, मनोरंजन सिंह सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
विशिष्ट अतिथि के रूप में महासभा सिंगला आंचलिक अध्यक्ष धनबाबू सिंह, राधामाधव सेवा पूजा समिति सिंगला आंचलिक अध्यक्ष तुषारकांति सिंह, साहित्य परिषद सिंगला आंचलिक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तथा संस्कृति परिषद सिंगला आंचलिक अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह उपस्थित थे।
सभा में गोपीमोहन मुखर्जी स्मृति संरक्षण समिति के गठन का निर्णय लिया गया तथा गोपीमोहन मुखर्जी की एक संगमरमर प्रतिमा निर्माण हेतु सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम का संचालन विष्णुप्रिया मणिपुरी साहित्य-संस्कृति अकादमी के महासचिव कंचनबरण सिंह ने किया। अंत में अध्यक्ष के समापन भाषण के पश्चात सभा के समापन की घोषणा की गई।





















