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काछाड़ को मिला नया प्रशासक, अब ज़मीन पर दिखे बदलाव की आस

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नए डीसी आयुष गर्ग से विकास, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की उम्मीद

शिलचर, प्रेरणा भारती ब्यूरो, 03 जनवरी: 
काछाड़ जिले को नए जिला आयुक्त के रूप में आईएएस अधिकारी आयुष गर्ग का नेतृत्व मिलना केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि जिले के लिए नई उम्मीदों की शुरुआत माना जा रहा है। विकासोन्मुख सोच, सख्त प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहचाने जाने वाले श्री गर्ग से जिले की जनता को कई जटिल समस्याओं के समाधान की अपेक्षा है।

काछाड़ जिला लंबे समय से बुनियादी ढांचे, शहरी अव्यवस्था, बाढ़, शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में नए डीसी के सामने विश्वास बहाली और परिणाम देने वाली प्रशासनिक कार्यशैली सबसे बड़ी कसौटी होगी।

विकास की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत

शिलचर शहर सहित जिले के कई इलाकों में सड़क, जलनिकासी और यातायात व्यवस्था गंभीर समस्या बनी हुई है। बरसात आते ही जलभराव आम बात हो जाती है। जनता चाहती है कि विकास योजनाएं सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर ज़मीनी स्तर पर साफ दिखाई दे

शिक्षा और स्वास्थ्य पर निर्णायक पहल की अपेक्षा

ग्रामीण और चाय बागान क्षेत्रों में शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति आज भी चिंता का विषय है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व संसाधनों का अभाव आम जनता की बड़ी शिकायत रही है। नए जिला आयुक्त से अपेक्षा है कि वे इन बुनियादी सेवाओं को प्राथमिकता देंगे।

बाढ़: पुरानी समस्या, स्थायी समाधान की दरकार

बराक नदी से जुड़ी बाढ़ काछाड़ जिले की सबसे गंभीर और पुरानी समस्या है। हर वर्ष हजारों लोग प्रभावित होते हैं। प्रशासन से उम्मीद है कि इस बार आपदा प्रबंधन को केवल राहत तक सीमित न रखकर, स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।


जनता की आवाज

▶ “सड़क और नाली पहले बनें”
शिलचर के एक स्थानीय नागरिक कहते हैं, “शहर की सड़कें और नालियां सालों से बदहाल हैं। नए डीसी से उम्मीद है कि इस पर तुरंत काम होगा।”

▶ “योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँचे”
ग्रामीण क्षेत्र के निवासी कहते हैं, “सरकारी योजनाएं हैं, लेकिन लाभ सब तक नहीं पहुँचता। पारदर्शिता सबसे ज़रूरी है।”

▶ “बाढ़ से हर साल तबाही होती है”
बराक नदी किनारे रहने वाले लोगों का कहना है, “राहत तो मिलती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं। अब बदलाव चाहिए।”

▶ “जनता से सीधा संवाद हो”
युवाओं और सामाजिक संगठनों की मांग है कि “नए डीसी नियमित जनसुनवाई और फील्ड विज़िट करें, ताकि समस्याएं सीधे सामने आ सकें।”


नई जिम्मेदारी, बड़ी अपेक्षाएं

कुल मिलाकर, काछाड़ जिले को नए जिला आयुक्त आयुष गर्ग से ईमानदार, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन की उम्मीद है। यदि उनके पूर्व अनुभव और कार्यशैली को आधार मानें, तो यह विश्वास किया जा सकता है कि आने वाला समय जिले के लिए विकास और सुशासन की नई कहानी लिख सकते है।

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