फॉलो करें

मकर संक्रांति पर सेवा का संकल्प लें

35 Views
मकर संक्रांति पर सेवा का संकल्प लें
वनवासी कल्याण आश्रम, दक्षिण असम की ओर से अपील
शिलचर, 10 जनवरी: मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का वह पावन पर्व है, जो दान, परिवर्तन और समाजोत्थान का संदेश देता है। अनादिकाल से इस पर्व पर दान की परंपरा रही है, जिसे हमारे पूर्वजों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुख-समृद्धि पहुँचाने का माध्यम बनाया।
वनवासी कल्याण आश्रम, दक्षिण असम विगत 35 वर्षों से असम के जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास — शिक्षा, चिकित्सा, स्वावलंबन, संस्कार, संगठन एवं संस्कृति संरक्षण के क्षेत्र में सतत कार्य कर रहा है। देश स्तर पर यह सेवा कार्य पिछले 65 वर्षों से निरंतर चल रहा है।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर कल्याण आश्रम, दक्षिण असम (शिलचर) द्वारा जनजाति समाज के कल्याण हेतु नगद एवं आवश्यक सामग्री का संग्रह किया जा रहा है।
विशेष सहयोग की आवश्यकता:
1) छात्रावास, चिकित्सालय, कार्यालय एवं अन्य भवन निर्माण हेतु सहयोग
2) विविध सेवा प्रकल्पों एवं जरूरतमंद बंधुओं के लिए आवश्यक वस्तुएँ
3) वनवासी क्षेत्रों में सेवा कार्य हेतु मोटरसाइकिल सहयोग
4) समय, श्रम, धान्य सामग्री अथवा धनराशि के रूप में योगदान
कल्याण आश्रम द्वारा संचालित छात्रावासों एवं विद्यालयों से आज जनजाति समाज के छात्र मेडिकल, इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं तथा समाज को सेवा देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। चिकित्सा शिविरों के माध्यम से दूरदराज़ के गाँवों में हज़ारों रोगियों को लाभ मिल रहा है। आपदा के समय संगठन सदैव पीड़ितों के साथ खड़ा रहा है।
यह दान नहीं, हमारा सामाजिक दायित्व है।
आयकर अधिनियम की धारा 80G के अंतर्गत दिया गया अनुदान कर-मुक्त है।
सहयोग करने का स्थान: बालक छात्रावास
संत तुलसीदास गोस्वामी मार्ग, शिलचर
आइए, मकर संक्रांति के इस शुभ अवसर पर वनवासी समाज के उत्थान के लिए तन-मन-धन से सहयोग कर, सकारात्मक परिवर्तन का हिस्सा बनें।
— वनवासी कल्याण आश्रम, दक्षिण असम (शिलचर)

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल