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कर्तव्य का पथ: दक्षिण के समंदर से उत्तर के पहाड़ों तक एक IPS पंकज चौधरी की प्रेरणादायक यात्रा
नई दिल्ली: एक पुलिस अधिकारी का जीवन केवल वर्दी और कानून तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह साहस, समर्पण और देश की विविधता को समझने का एक निरंतर सफर है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी पंकज चौधरी की तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जो भारत के दो छोरों—सुदूर दक्षिण (Extreme South) से सुदूर उत्तर (Extreme North)—के बीच के 3000 किलोमीटर के फासले को महज एक दूरी नहीं, बल्कि एक अनुभव की तरह पेश करती हैं।
यह यात्रा सागर के नीले पानी से शुरू होकर हिमालय की बर्फीली चोटियों तक पहुँचती है। तस्वीरों में अधिकारी का सफर न केवल उनके व्यक्तिगत साहस को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि एक लोक सेवक के लिए पूरा देश ही उसका कार्यक्षेत्र है। जहाँ दक्षिण की चिलचिलाती धूप और उमस भरा वातावरण उनके धैर्य की परीक्षा लेता है, वहीं उत्तर की हाड़ कंपाने वाली ठंड उनके अडिग संकल्प का प्रतीक है।
एक आईपीएस अधिकारी के रूप में, इस तरह की यात्राएं जनसंपर्क और भौगोलिक चुनौतियों को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। वर्दी के पीछे छिपा यह व्यक्तित्व यह संदेश देता है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी विषम क्यों न हों—चाहे वह समंदर की लहरें हों या दुर्गम पहाड़—एक सच्चा अधिकारी हमेशा अपने पथ पर अग्रसर रहता है।
उनका यह 3000 किलोमीटर का सफर देश की एकता और ‘विविधता में एकता’ के सूत्र को पिरोता है। यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा है कि सफलता केवल पद पाने में नहीं, बल्कि उस पद की गरिमा के साथ देश के हर कोने को समझने और उसकी सेवा करने में है। ऐसे जांबाज अधिकारियों की कर्तव्यनिष्ठा ही है, जो पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाती है।





















