फॉलो करें

पूबाली सांस्कृतिक संस्था द्वारा कविंद्र पुरकायस्थ व सुभाष चक्रवर्ती की स्मृति में शोकसभा

75 Views
पूबाली सांस्कृतिक संस्था द्वारा कविंद्र पुरकायस्थ व सुभाष चक्रवर्ती की स्मृति में शोकसभा
शिलचर, 16 जनवरी।
गत गुरुवार को शिलचर स्थित पूबाली सांस्कृतिक, सामाजिक एवं क्रीड़ा संस्था की ओर से संस्था के स्वयं के भवन में विशिष्ट शिक्षाविद एवं राजनीतिक व्यक्तित्व स्वर्गीय कविंद्र पुरकायस्थ तथा प्रख्यात सांस्कृतिक व्यक्तित्व स्वर्गीय सुभाष चक्रवर्ती की स्मृति में एक शोकसभा का आयोजन किया गया।
स्मृतिचारण करते हुए संस्था के अध्यक्ष सुप्रिय भट्टाचार्य ने कहा कि 90 के दशक में बराक घाटी में जिन तीन प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्वों का विशेष प्रभाव था, उनमें कविंद्र पुरकायस्थ अग्रणी थे। राजनीतिक रूप से भिन्न विचारधाराओं में रहने के बावजूद आपसी सौजन्य और सम्मान की भावना उन्होंने कभी नहीं खोई। उनके निधन से बराक घाटी की राजनीति में एक युग का अंत हुआ है।
स्वर्गीय सुभाष चक्रवर्ती के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनके समान सांस्कृतिक व्यक्तित्व बराक घाटी में अत्यंत दुर्लभ थे। शहर के लगभग हर सांस्कृतिक कार्यक्रम—चाहे वह शास्त्रीय संगीत का मंच हो या नाट्य प्रस्तुति—उनकी उपस्थिति सदैव बनी रहती थी।
संस्था के उपाध्यक्ष सुषील बनिक ने बताया कि कविंद्र पुरकायस्थ के साथ उनका शिक्षक-छात्र का संबंध रहा है। नर्सिंग हायर सेकेंडरी स्कूल में अध्ययन के दौरान उन्होंने स्वर्गीय नेता को बहुत करीब से देखा और जाना।
वहीं, अन्य उपाध्यक्ष प्रणब कुमार डे ने कहा कि कविंद्र पुरकायस्थ एक जनप्रिय और जनदर्दी नेता थे। राजनीति में रहते हुए भी कोई भी कलंक उन्हें छू नहीं सका।
इसके अलावा संस्था के सदस्य समिरण भट्टाचार्य, विश्वराज चक्रवर्ती, देवाशीष चौधुरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में संपादक निशीथ चक्रवर्ती, मंजुश्री चौधुरी सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।
सभा के अंत में दिवंगत आत्माओं की चिरशांति की कामना करते हुए एक मिनट का मौन रखा गया।
इसके उपरांत संस्था की ओर से उनके आवास जाकर उनके पुत्र को श्रद्धांजलि स्मारक भेंट किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों में सुप्रिय भट्टाचार्य, प्रणब कुमार डे, निशीथ चक्रवर्ती, विनायक भट्टाचार्य, विश्वराज चक्रवर्ती, शांतनु सेनगुप्ता, मंजुश्री चौधुरी, मधुछंदा विश्वास, बसवदत्ता गोस्वामी, रूपश्री गोस्वामी, समिरण भट्टाचार्य एवं देवाशीष चौधुरी प्रमुख थे।

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

इंडियन आर्मी ने तिनसुकिया में नव रूपांतर चिल्ड्रन होम के बच्चों के साथ होली मनाई तिनसुकिया: 03 मार्च 2026 को, रेड शील्ड गनर्स ने, स्पीयर कॉर्प्स के अंडर, असम के रूपाई में चिल्ड्रन होम को चमकीले रंगों और दिल को छू लेने वाली मुस्कान से भर दिया, क्योंकि उन्होंने अपनी लगातार कम्युनिटी आउटरीच पहल के तहत वहां रहने वाले बच्चों के साथ रंगों का त्योहार मनाया। जब सैनिक और बच्चे एक साथ आए और न केवल रंगों और मिठाइयों से, बल्कि सच्चे प्यार और हंसी-मजाक से भी होली मनाई, तो “अनाथालय में खुशियों के रंग भर गए”। 8 से 17 साल के कुल 20 बच्चों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया, उनके उत्साह से पूरा परिसर जगमगा उठा। रंगों के बिखरने के साथ होली शुरू हुई, जो जल्द ही बेफिक्र मस्ती और खुशी भरी बातचीत के पलों में बदल गई। आर्मी के जवानों ने बच्चों के साथ अच्छा समय बिताया—खेलते हुए, बातें करते हुए, हिम्मत बढ़ाते हुए और सुनते हुए—यह पक्का करते हुए कि हर बच्चे को अहमियत महसूस हो और उसे अपनाया जा रहा हो। यह त्योहार प्यार और अपनेपन का प्रतीक बन गया, जहाँ यूनिफॉर्म चमकीले रंगों के साथ मिल जाती थी और दिल बिना किसी रुकावट के जुड़ जाते थे। बातचीत के दौरान, होली के एकता, उम्मीद और पॉजिटिविटी के त्योहार के महत्व को शेयर किया गया, जिससे मेलजोल और साथ रहने की वैल्यूज़ को मज़बूती मिली। सभी को मिठाइयाँ बाँटी गईं, जिससे दिन में मिठास आई और इंडियन आर्मी और लोकल कम्युनिटी के बीच का रिश्ता और मज़बूत हुआ। बच्चों की मुस्कान, हँसी और चमकते चेहरों ने होली का असली मतलब दिखाया—प्यार फैलाना, खुशियाँ बाँटना और एक बड़े परिवार की तरह साथ खड़े होना। इस पहल ने कम्युनिटी वेलफेयर, युवाओं से जुड़ाव और असम के लोगों के साथ भरोसे के रिश्ते को मज़बूत करने के लिए इंडियन आर्मी के पक्के कमिटमेंट को फिर से पक्का किया।

Read More »

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल