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गुरुचरण विश्वविद्यालय में प्रथम निवारण चंद्र लस्कर स्मारक व्याख्यान का आयोजन

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गुरुचरण विश्वविद्यालय में प्रथम निवारण चंद्र लस्कर स्मारक व्याख्यान का आयोजन

गुरुचरण विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की पहल पर शुक्रवार को विश्वविद्यालय के सभागार में प्रथम निवारण चंद्र लस्कर स्मारक व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह व्याख्यान विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में गुरुचरण महाविद्यालय के पूर्व छात्र, एंजेल इन्वेस्टर, मेंटर, बराक घाटी के विशिष्ट समाजसेवी तथा निवारण चंद्र लस्कर के पौत्र सौम्य कांति पुरकायस्थ उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में गुरुचरण महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष निरंजन दत्त, जबकि सम्मानित अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रोफेसर निवारण चंद्र लस्कर स्मृति संरक्षण समिति के सलाहकार रवींद्र चंद्र दास तथा गुरुचरण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निरंजन राय कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, दीप मंत्र पाठ एवं निवारण चंद्र लस्कर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। स्वागत भाषण IQAC के निदेशक डॉ. कृष्ण चंद्र दास ने प्रस्तुत किया।

मुख्य एवं सम्मानित अतिथियों ने अपने वक्तव्यों में निवारण चंद्र लस्कर के बहुआयामी जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि निवारण चंद्र लस्कर एक प्रख्यात शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक एवं कुशल राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने ढाका विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में प्रथम स्थान प्राप्त किया था और बाद में गुरुचरण महाविद्यालय में लंबे समय तक बांग्ला एवं संस्कृत के प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दीं। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ वे संविधान सभा के सदस्यप्रथम लोकसभा के सांसद तथा त्राण एवं पुनर्वास राज्य मंत्री भी रहे।

इसके पश्चात मुख्य वक्ता सौम्य कांति पुरकायस्थ ने अपने स्मारक व्याख्यान में “शिक्षा क्षेत्र में रणनीति के रूप में ब्रांड एक्टिविज़्म” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदार और सक्रिय भूमिका समय की आवश्यकता है। डिजिटल पहलों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षण संस्थानों को समाज में सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. निरंजन राय ने निवारण चंद्र लस्कर के जीवन एवं आदर्शों को नमन करते हुए भविष्य में इस प्रकार के और स्मारक व्याख्यान आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं ब्रांड एक्टिविज़्म को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक निरूपम मलाकार ने प्रस्तुत किया।
हाइब्रिड माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक-छात्रों के साथ-साथ गुरुचरण महाविद्यालय के अनेक पूर्व छात्र भी शामिल हुए। राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
समूचे कार्यक्रम का संचालन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपराज चक्रवर्ती ने किया।

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