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गाँव से वैश्विक मंच तक—कोलंबो में भारत की बुलंद आवाज़ बने सोनबिल के नृपेंद्र दास
हीरक बनिक, रामकृष्णनगर, 18 जनवरी: फाखोआ गाँव की मिट्टी में जन्म लेकर भी जिनकी सोच और सपने हमेशा वैश्विक रहे—आज वही सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। सोनबिल के युवा नृपेंद्र दास एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने जा रहे हैं। आगामी 7 से 10 फरवरी 2026 तक श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में International Diplomats के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय विश्व युवा महासम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने का आमंत्रण उन्हें मिला है, जो निस्संदेह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। विश्व के विभिन्न देशों से आए युवा प्रतिनिधि, कूटनीतिज्ञ और नीति-निर्माताओं की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, युवा नेतृत्व और भविष्य की वैश्विक व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसी वैश्विक मंच पर सोनबिल के इस उभरते युवा नेता नृपेंद्र दास भारत की सोच, दृष्टि और पक्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेंगे। उनका सफर भले ही गाँव से शुरू हुआ हो, लेकिन लक्ष्य हमेशा विश्व रहा है।
यह सफलता अचानक नहीं मिली है, बल्कि वर्षों की निरंतर मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है। वर्ष 2019 में इंडोनेशिया के बाली, 2022 में दुबई, 2023 में नई दिल्ली और 2024 में थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय युवा सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर नृपेंद्र दास पहले ही अपनी नेतृत्व क्षमता और कूटनीतिक समझ का परिचय दे चुके हैं। लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें सोनबिल की सीमाओं से बाहर एक पहचाने जाने वाले युवा नेतृत्व के रूप में स्थापित किया है।
कूटनीति के साथ-साथ साहसिक अभियानों में भी नृपेंद्र दास की उपलब्धियाँ उल्लेखनीय हैं। मार्च 2024 में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना हो या दिसंबर 2025 में उत्तरी हिमालय की दुर्गम पर्वत चोटियों को पार करना, हर चुनौती में उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और शारीरिक क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। नृपेंद्र दास के अनुसार, इन कठिन अभियानों से प्राप्त अनुभवों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक आत्मविश्वासी तथा दृढ़ बना दिया है। कोलंबो रवाना होने से पहले नृपेंद्र दास ने सोनबिल क्षेत्र के सभी वर्गों के लोगों, ग्रामवासियों, Sonbil Express पेज के अनुयायियों तथा देशवासियों से आशीर्वाद और शुभकामनाएँ मांगी हैं। साथ ही, उनकी गतिविधियों को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए बराक घाटी के समस्त समाचार माध्यमों के प्रति उन्होंने हार्दिक आभार व्यक्त किया है। सभी के प्रेम, सहयोग और समर्थन को साथ लेकर वैश्विक मंच पर भारत की आवाज़ को और अधिक सशक्त बनाने का उनका संकल्प अटल है—यही सोनबिल के इस गौरवशाली युवा प्रतिनिधि की पहचान है।




















