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यशवंत पाण्डेय , 27 जनवरी , शिलकुड़ी : बारिकनगर स्थित राधेश्याम विवाह भवन में सप्त दिवसीय श्री मद्भागवत कथा का शुभारंभ मंगलवार को सुबह 9 बजे कलश यात्रा के माध्यम से हुई , कलश यात्रा में भारी भक्तों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया , गाजे-बाजे , घोड़े के साथ कलश यात्रा राधेश्याम विवाह भवन से निकली , पिछले वर्ष इसी राधेश्याम विवाह भवन में श्री शिव महापुराण का आयोजन किया गया था , और इस वर्ष श्री मद्भागवत
कथा का आयोजन किया गया है , इस पावन और भव्य कलशयात्रा में श्री मद्भागवत कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष शंकर नुनीया , महासचिव प्रदीप कुमार कुर्मी, समाजसेवी सितांशु ग्वाला, सुबचन ग्वाला , चम्पा लाल ग्वाला, दीपक भट्ट, यादव युवा महासभा के अध्यक्ष भोला नाथ यादव, सूरज नूनिया, सागर नूनिया, राजीव नूनिया सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे, आपको बता दें की इस श्री मद्भागवत कथा के कथाव्यास वृंदावन के विद्वान पंडित
अशोक देवाचार्यजी महाराज हैं, महाराज के मुखारवृन्द से क्षेत्रवाशियों को 7 दिन तक यह पावन कथा का श्रवण करने का अवसर मिलेगा , ऐतिहासिक स्थल श्री श्री बरमबाबा मंदिर के तालाब में विधिवत गंगा पूजन किया गया, गंगा पूजन के पश्चात सभी के कलशों में जल भरा गया , फिर ऐतिहासिक स्थल श्री श्री बरमबाबा मंदिर से यह कलश यात्रा निकली और राधेश्याम विवाह भवन पर जाके सम्पन्न हुई , माहौल पूरा भक्तिमय हु चुका था , सभी भक्त अपनी अपनी कलश लेके राधेश्याम विवाह भवन पहुची , सभी भक्तों के लिए प्रशाद का प्रबंध किया गया था , सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया फिर शाम को 5 बजे श्री मद्भागवत कथा शुरू हुआ , लग रहा था की महाराज जी के मूह से अमृत निकल रही हो , महाराज के मधुर आवाज से भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए ,सभी भक्त शांति से कथा का आनंद ले रहे थे , कही तालिया बज रही थी तो कही भक्त झूमने लगे , हजारों भक्तों ने कथा का आनंद लिया , रात 9 बजे यह मद्भागवत कथा सम्पन्न हुई , आज पहला दिन है , 7 दिन इस पावन कथा का आनंद स्थानीय लोग लेंगे , ऐसा भक्तिमय माहौल लाने के लिए काफी मेहनत लगती है , इस भव्य समारोह का पूरा श्रेय श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति को जाती है और खासकर इस समिति के अध्यक्ष श्रीमान शंकर नूनिया को , श्री शंकर नुनिया ने कहा कि हिन्दू होने के साथ हम सब सनातनी है और हमे ऐसे कथा , त्योहार , पूजा आदि में सम्मिलित होना आवश्यक है , 7 दिन तक इस कथा का आनंद लेते रहे , श्री मद्भागवत कथा का श्रवण मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है।




















