शिलचर: बारिश से पहले भी जारी रांगिरखाल की खुदाई, लोगों में चिंता
शिलचर में आगामी दिनों में मानसून के आगमन की संभावना के बीच रांगिरखाल के दोनों किनारों पर गार्ड वॉल निर्माण एवं खाल खुदाई का कार्य लगातार जारी है। यह परियोजना शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की रीढ़ मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि 29 नवंबर 2022 को असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने “शिलचर में रांगिरखाल के दोनों किनारों की सुरक्षा हेतु भारी गार्ड वॉल निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण” परियोजना का शिलान्यास किया था।
हालांकि, वर्तमान में खाल के कुछ हिस्सों में खुदाई कार्य चल रहा है, लेकिन कई स्थानों पर अब भी कचरा जमा होने से पानी सूखता हुआ दिखाई दे रहा है। रांगिरखाल, जो शिलचर के महिषा बिल से निकलकर बराक नदी का पानी घाघरा नदी तक पहुंचाती है, वर्षों की उपेक्षा के कारण कई जगहों पर संकरी और जाम हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पूरे खाल की सफाई और खुदाई नहीं हुई, तो एक जोरदार बारिश में ही शिलचर फिर से जलमग्न हो सकता है। वर्ष 2022 की भयावह बाढ़ में शहर का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूब गया था, जिसकी भयावह यादें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं।
डबल इंजन भाजपा सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से शहरवासियों को हर साल होने वाली बाढ़ की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या प्रशासन बारिश से पहले काम पूरा कर शहर को सुरक्षित बना पाएगा?
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से कार्य में तेजी लाने और रांगिरखाल की संपूर्ण सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि इस मानसून में शिलचर को फिर से बाढ़ की त्रासदी का सामना न करना पड़े।




















