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सरस्वती शिशु निकेतन, डोलू की गुणवत्ता उत्कृष्टता की ओर एक अनूठी यात्रा

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सरस्वती शिशु निकेतन, डोलू की गुणवत्ता उत्कृष्टता की ओर एक अनूठी यात्रा

विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालयों के सर्वांगीण गुणवत्तात्मक विकास के उद्देश्य से, विद्या भारती दक्षिण असम प्रांत क्षेत्र की योजना के अंतर्गत उत्कर्ष महोत्सव के अवसर पर आज गुरुवार (5 फरवरी 2026) को सरस्वती शिशु निकेतन, डोलू में विद्यालय निरीक्षण एवं मूल्यांकन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर गठित निरीक्षण दल में
डॉ. विश्वजीत पुरकायस्थ (अध्यक्ष, विद्यानिकेतन मालग्राम),
डॉ. अपूर्व चक्रवर्ती (शिक्षाविद),
श्रीमती रूपाली दत्त (प्रवीण आचार्य),
श्रीमती संगीता वैष्णव (अभिभाविका) तथा
रोहित श्रीवास्तव (पूर्व छात्र)
उपस्थित रहे।

निरीक्षण दल द्वारा विद्यालय के आधारभूत ढांचे, अनुशासन व्यवस्था, पठन-पाठन पद्धति, स्वच्छता, शैक्षणिक अभिलेख एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली का दिनभर गहन अवलोकन किया गया। विद्या भारती दक्षिण असम प्रांत के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विद्यालयों के शैक्षणिक स्तर का मूल्यांकन कर उन्हें और अधिक उत्कृष्ट बनाना इस महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य रहा।

🪔 कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत दीप मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से की गई।
🌱 विद्यार्थियों द्वारा अतिथियों का चंदन तिलक, उत्तरीय तथा औषधीय पौधों के पौधे भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।

इसके पश्चात कक्षा शिक्षण, कार्यालयीन कार्य एवं विभिन्न शैक्षणिक दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया। अतिथियों एवं विद्यार्थियों के बीच सौहार्दपूर्ण पंक्ति भोज का भी आयोजन हुआ।

विद्यालय में विद्या भारती के पाँच आधारभूत आयामों—शारीरिक शिक्षा, योग, संस्कृत, संगीत तथा नैतिक-आध्यात्मिक शिक्षा पर आधारित विभिन्न गतिविधियों का प्रभावशाली प्रदर्शन विद्यार्थियों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मातृ भारती, अभिभावक मंडल एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श भी हुआ। अल्पाहार काल में पुनः अतिथियों और विद्यार्थियों के साथ सामूहिक पंक्ति भोज संपन्न हुआ।

यह आयोजन मात्र एक निरीक्षण नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षादर्शन और सामाजिक मूल्यों पर आधारित एक आदर्श विद्यालय की जीवंत झलक प्रस्तुत करता है।
उत्कर्ष महोत्सव के माध्यम से विद्यालय की ताकतों और कमजोरियों की पहचान की गई तथा भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने हेतु निरीक्षण दल द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।

समग्र रूप से उत्कर्ष महोत्सव का यह आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं सफल रहा। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के सहयोग से यह कार्यक्रम एक अर्थपूर्ण और प्रेरणादायी पहल के रूप में संपन्न हुआ।

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