सिंगिरबंद गांव का 100 वर्ष पुराना शिव मंदिर बदहाल, सरकारी अनदेखी से ग्रामीणों में नाराजगी
शनबिल, 13 फरवरी: रामकृष्ण नगर सर्किल के अंतर्गत बरूयाला जीपी के सिंगिरबंद गांव में स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना शिव मंदिर आज भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। लंबे समय से मरम्मत और विकास कार्यों के अभाव में मंदिर की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। मंदिर तक पहुंचने के लिए उचित सड़क मार्ग भी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से इसके संरक्षण और विकास के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों को कठिन रास्तों से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है, जिससे यहां श्रद्धालुओं की संख्या भी सीमित रह जाती है।
स्थानीय निवासी तथा सिंगिरपार गांव से आए श्रद्धालु पिक्लू पाल ने बताया कि मंदिर लंबे समय से मरम्मत के अभाव में उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, लेकिन सड़क और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी सरकार बनने के बाद कई हिंदू धार्मिक स्थलों के विकास के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वहीं, उनका यह भी कहना है कि कांग्रेस सरकार के दौरान मंदिरों को पर्याप्त सहायता नहीं मिलती थी। हालांकि, वर्तमान में भी सिंगिरबंद का यह प्राचीन शिव मंदिर सरकारी योजनाओं से वंचित बना हुआ है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र के विधायक विजय मालाकार से मंदिर के विकास और सड़क निर्माण के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मंदिर तक उचित सड़क और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो यह धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुगम और आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की अपील की है ताकि इस ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।




















