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अरुणकुमार चंद की 128वीं जयंती पर नेताओं की अनुपस्थिति से नाराज़गी

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अरुणकुमार चंद की 128वीं जयंती पर नेताओं की अनुपस्थिति से नाराज़गी

शिलचर, 19 फरवरी।
जननेता अरुणकुमार चंद की 128वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राजनीतिक नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर तीव्र नाराज़गी व्यक्त की गई। यह आयोजन ‘प्रतिमूर्ति संरक्षण एवं स्मृति रक्षा समिति’ की ओर से किया गया था।

बराक घाटी बंग साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन के पूर्व संपादक गौतमप्रसाद दत्त ने सदरघाट स्थित पूर्ण प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हर वर्ष आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे जननेता के प्रति उपेक्षा बताते हुए खुलकर आलोचना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगर निगम के कार्यपालक अधिकारी नरोत्तम शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने जानकारी दी कि अरुणकुमार चंद के नाम पर बनाए गए पार्क का सरकारी निधि से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है और आगामी दस दिनों के भीतर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

बंग साहित्य, काछार जिला समिति के अध्यक्ष संजीव देवलस्कर ने अपने पिता जतिंद्रमोहन देवलस्कर के साथ अरुणकुमार चंद के आत्मीय संबंधों को स्मरण करते हुए कहा कि गुवाहाटी विश्वविद्यालय की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

काछार कॉलेज की सेवानिवृत्त प्राध्यापिका डॉ. रमा पुरकायस्थ ने अपने दादा के देश और समाज के प्रति समर्पण को याद किया।

अन्य वक्ताओं में निहाररंजन पाल, प्रवीर रायचौधरी और साधन पुरकायस्थ ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक और शैक्षिक योगदान को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में पीयूषकांति चक्रवर्ती, महितोष पाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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